
बदल गई तारीख, अब इस दिन आयोजित होंगी JEE Main के 4th चरण की परीक्षा
Zee News
JEE Main 4th Phase Exam Dates 2021: केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने स्टूडेंट्स के सुझावों पर विचार करते हुए तीसरे और चौथे चरण के बीच परीक्षा के समय को 4 हफ्ते बढ़ा दिया है. अब जेईई मेन के चौथे चरण की परीक्षा 26, 27 और 31 अगस्त के अलावा 1 और 2 सितंबर को होगी.
नई दिल्ली: जेईई मेन 2021 (JEE Main Exam 2021) के तीसरे और चौथे चरण के एग्जाम के बीच 4 सप्ताह का गैप कर दिया गया है. स्टूडेंट्स की मांग पर विचार करने के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) ने अपने ट्विटर अकाउंट से ये जानकारी साझा की है. यानी अब जेईई मेन के चौथे चरण की परीक्षा 26, 27 और 31 अगस्त के अलावा 1 और 2 सितंबर को होगी. Accordingly, the JEE(Main) 2021 session 4 will now be held on 26th, 27th & 31st August, and on 1st and 2nd September, 2021. A total of 7.32 lakh candidates have already registered for JEE(Main) 2021 session 4. — Dharmendra Pradhan (@dpradhanbjp)
Ice Breaker missile: भारतीय नौसेना अब अपने बेड़े को और भी ज्यादा खतरनाक बनाने के लिए एक ऐसे मिसाइल सिस्टम पर विचार कर रही है, जो समंदर के बीचों-बीच दुश्मन के होश उड़ा देगा. खबर आ रही है कि भारतीय नौसेना अपने MH-60R सीहॉक हेलीकॉप्टरों को इजरायल की आधुनिक 'आइस ब्रेकर' मिसाइल से लैस करने की योजना बना रही है. खास बात यह है कि भारतीय वायुसेना पहले ही इस मिसाइल को अपनी ताकत में शामिल करने की मंजूरी दे चुकी है.

Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

Pakistani Leader Chief Guest in 1955 republic day: यह किस्सा है साल 1955 का. उस समय भारत ने पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. उस दौर में भारत अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को आकार दे रहा था. मलिक गुलाम मोहम्मद का भारत से पुराना जुड़ाव भी रहा था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी.










