
बंधकों के बचने और हमास के खात्मे की उम्मीद नहीं! जानें- जंग में इजरायल कब खुद को मान सकता है 'विजयी'
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इजरायल की सेना ने बीते 24 घंटे में एयर स्ट्राइक करके गाजा में हमास के 250 से ज्यादा ठिकाने ध्वस्त किए हैं. इसमें हमास का कमांड सेंटर से लेकर रॉकेट लॉन्चर साइट तक शामिल हैं. इसके साथ ही इजरायल ने हमास की सरफेस टू एयर यानी जमीन से हवा में मार करने की तैयारी करती मिसाइल और मिसाइल पोस्ट को भी हमले में तबाह कर दिया है.
गाजा सीमा पर इजरायली सेना इंतजार कर रही है. टैंकों, स्व-चालित बंदूकों और हजारों सैनिकों की विशाल टुकड़ियां तैयार हैं. वे बस गाजा पर हमले के लिए हरी झंडी का इंतजार कर रहे हैं. जैसे-जैसे समय बीत रहा है, वैसे-वैसे गाजा में मानवीय संकट पैदा होता जा रहा है, जिसमें हजारों लोग पहले ही मर चुके हैं. पूरी दुनिया इस पर नजर बनाए हुए है. इस बीच सवाल उठता है कि आखिर इजरायल वास्तव में गाजा में क्या हासिल करना चाहता है? इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि क्या इजराइल गाजा में अपनी सैन्य जीत का दावा कर सकता है?
7 अक्टूबर के बाद से जब हमास के लड़ाकों ने इजरायल में घुसपैठ की और सैकड़ों नागरिकों को मार डाला, दीवारों पर गाजा के बारे में बातें लिखी गईं. लेकिन लगभग तीन हफ्ते बीत चुके हैं और अब गाजा से लगातार परेशान करने वाली तस्वीरों से सामने आ रही हैं.
मनोहर पर्रिकर इंस्टीट्यूट फॉर डिफेंस स्टडीज एंड एनालिसिस (आईडीएसए) के सहायक निदेशक कर्नल राजीव अग्रवाल (सेवानिवृत्त) ने आजतक की सहयोगी न्यूज वेबसाइट Indiatoday.in को बताया, "दुनियाभर के लोगों की राय धीरे-धीरे इजरायल को लेकर बदल रही है. आंख मूंदकर इजरायली कार्रवाई का समर्थन करने वालों का ध्यान हटकर गाजा नागरिकों की बढ़ती मौतों की ओर जा रहा है. इजरायल को चेतावनी भी दी जा रही है. यही कारण है कि इजरायल के लिए जमीनी हमला करना मुश्किल होता जा रहा है.
साथ ही, यह भी ध्यान में रखना चाहिए कि गाजा पट्टी में हमास के कब्जे में अब भी 200 से अधिक बंधक हैं. एक चर्चा यह भी है कि इजरायल हमास को पूरी तरह के खत्म करने की कोशिश करेगा. लेकिन क्या सैन्य दृष्टि से यह संभव है? और यदि इजरायल वास्तव में ऐसा करने में सफल हो जाता है, तो उसके बाद क्या होगा? गाजा पट्टी पर नियंत्रण कौन करेगा?
लेकिन सबसे पहले पहले इस सवाल का जवाब देकर शुरुआत करते हैं कि आखिर इजरायल के पास अभी सैन्य विकल्प क्या हैं?
रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इजरायल के पास तीन सैन्य विकल्प हैं. यह पहले से ही एक के साथ आगे बढ़ रहा है.

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