
पेलोसी की यात्रा से गुस्से में चीन, PLA ने ताइवान को घेरने के लिए तेज किया सैन्य अभ्यास
AajTak
अमेरिका में तीसरी सबसे बड़ी अधिकारी पेलोसी अमेरिकी वायु सेना के जेट विमान से ताइवान पहुंची थीं. पेलोसी की यह यात्रा 25 सालों में किसी शीर्ष अमेरिकी नेता की पहली यात्रा है. उनकी इस यात्रा के बाद से ही चीन, लगातार धमकियां दे रहा है. इस प्रतिक्रिया देते हुए ताइवान के राष्ट्रपति त्साई-इंग-वेन ने कहा कि ताइवान बीजिंग की सैन्य धमकी का मजबूती से जवाब देगा.
अमेरिकी हाउस की स्पीकर नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा के बाद बुधवार को चीनी सेना ने ताइवान के आस-पास नोसैनिक-हवाई संयुक्त अभ्यास किए. ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि वह ताइवान की घेराबंदी का प्रयास कर सकता है. पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के पूर्वी थिएटर कमांड ने कहा कि ताइवान के आसपास समुद्री और हवाई क्षेत्र में किए गए अभ्यास में नौसेना, वायु सेना, रॉकेट फोर्स और सामरिक सहायता समेत अन्य बल शामिल रहे.
आधिकारिक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि चीनी सेना 4 से 7 अगस्त तक 6 अलग-अलग क्षेत्रों में भी सैन्य अभ्यास करेगी, जो ताइवान द्वीप को सभी दिशाओं से घेरते हैं. पेलोसी के मंगलवार को ताइवान पहुंचने पर चीनी सेना ने अभ्यास तेज कर दिया है. ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, अमेरिकी स्पीकर की ताइवान यात्रा के खिलाफ चीन ने शुरू से चेतावनी दी, उससे बाद भी पेलोसी का ये दौरा टाला नहीं गया, जिसको देखते हुए ताइवान के आसपास PLA अपना सैन्य अभ्यास करना जारी रखेगी.
अमेरिका में तीसरी सबसे बड़ी अधिकारी पेलोसी अमेरिकी वायु सेना के जेट विमान से ताइवान पहुंची थीं. पेलोसी की यह यात्रा 25 सालों में किसी शीर्ष अमेरिकी नेता की पहली यात्रा है. वहीं चीन की धमकियों पर प्रतिक्रिया देते हुए ताइवान के राष्ट्रपति त्साई-इंग-वेन ने कहा कि ताइवान बीजिंग की सैन्य धमकी का मजबूती से जवाब देगा. त्साई ने बुधवार को पेलोसी के साथ मीटिंग में कहा कि सैन्य खतरों का सामना करते हुए ताइवान पीछे नहीं हटेगा.
ताइवान पर ड्रोन भेज सकता है चीन
हांगकांग स्थित साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने उनके हवाले से कहा, "हम अपने देश की संप्रभुता को मजबूती से बनाए रखेंगे और लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़ते रहेंगे." पेलोसी की यात्रा पर चीन के गुस्से को लेकर सैन्य विशेषज्ञों ने कहा कि PLA ताइवान पर ड्रोन भेज सकती है और नियमित अभ्यास कर सकती है. आने वाले कुछ सप्ताह चीन पेलोसी की यात्रा पर अपना गुस्सा निकालेगा.
ताइवान को चौतरफा घेर रहा चीन

ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले को लेकर मचे घमासान के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कल मीडिया के सामने आकर युद्ध को लेकर कई बड़ी बातें कहीं नेतन्याहू ने ईरान के साथ संघर्ष में अमेरिका को घसीटने की फर्जी खबरों का खंडन किया. कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति हमेशा वही निर्णय लेते हैं जो उन्हें अमेरिका के हित में लगता है. उन्होंने ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के दौरान इजरायल और अमेरिका के तालमेल की भी प्रशंसा की.

जिस ईरान को बर्बाद करने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप निकले थे. अब लगता है कि उनका पैर उसी ईरान के 'तेल' पर फिसल गया है. और इसलिए वो एक बार फिर पूरी दुनिया को 'चौंकाने' वाला फैसला ले सकते हैं. और ये फैसला ईरान के तेल की Sale से जुड़ा है. ईरान को पूरी तरह से अलग-थलग करने और हर चीज के लिए 'मोहताज' बनाने की कोशिश करने वाले ट्रंप अब खुद ईरान के तेल से प्रतिबंध हटा सकते हैं. और तेल की Sale करने की अनुमति दे सकते हैं? अब सवाल ये है कि जब ट्रंप खुद ईरान के तेल की बिक्री के लिए तैयार हैं, तो वो ईरान से युद्ध क्यों लड़ रहे हैं? क्या वाकई ईरान ने ट्रंप को ऐसा करने के लिए मजबूर कर दिया है, या ट्रंप अपने ही फैसलों की फांस में फंस चुके हैं?











