
पीएम मोदी ने जवाहरलाल नेहरू को किया याद, सोनिया गांधी समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
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पंडित जवाहर लाल नेहरू का जन्म 14 नवंबर 1889 को उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में हुआ था.
नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की जयंती पर उन्हें रविवार को श्रद्धांजलि अर्पित की. प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया, “पंडित जवाहरलाल नेहरू जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि.” Tributes to Pandit Jawaharlal Nehru Ji on his birth anniversary. Delhi: Congress interim president Sonia Gandhi pays floral tribute to the nation's first Prime Minister at Shantivan, on his birth anniversary today. “What we need is a generation of peace.” - Pandit Jawaharlal Nehru "...भारत भूमि में फैले सारे भारतवासी ही सबसे ज्यादा मायने रखते हैं। भारत माता यही करोड़ों-करोड़ जनता है और भारत माता की जय उसकी भूमि पर रहने वाले इन सबकी जय है।" ~ पंडित जवाहर लाल नेहरू
— Narendra Modi (@narendramodi) Remembering India’s first Prime Minister who greatly valued truth, unity and peace. भारत माता की जय में किसानों की जय है, जवानों की जय, श्रमिकों की जय है।

Ice Breaker missile: भारतीय नौसेना अब अपने बेड़े को और भी ज्यादा खतरनाक बनाने के लिए एक ऐसे मिसाइल सिस्टम पर विचार कर रही है, जो समंदर के बीचों-बीच दुश्मन के होश उड़ा देगा. खबर आ रही है कि भारतीय नौसेना अपने MH-60R सीहॉक हेलीकॉप्टरों को इजरायल की आधुनिक 'आइस ब्रेकर' मिसाइल से लैस करने की योजना बना रही है. खास बात यह है कि भारतीय वायुसेना पहले ही इस मिसाइल को अपनी ताकत में शामिल करने की मंजूरी दे चुकी है.

Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

Pakistani Leader Chief Guest in 1955 republic day: यह किस्सा है साल 1955 का. उस समय भारत ने पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. उस दौर में भारत अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को आकार दे रहा था. मलिक गुलाम मोहम्मद का भारत से पुराना जुड़ाव भी रहा था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी.










