
'पापा के रहते रिपीट नहीं हो सकती सरकार...', गुढ़ा की लाल डायरी में नये खुलासे का दावा
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उदयपुरवाटी विधानसभा से शिव सेना के उदयपुरवाटी प्रत्याशी और गहलोत सरकार में मंत्री रहे राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने लाल डायरी के चार पन्नों को सार्वजनिक किया है. बुधवार को सीएम अशोक गहलोत उनके क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में जनसभा को संबोधित करने आ रहे हैं. लाल डायरी मामले ने राजस्थान की सियासत में उबाल ला रखा है.
राजस्थान की राजनीति में कथित तौर पर एक लाल डायरी ने सियासी उबाल ला रखा है. चुनाव से पहले लाल डायरी के कुछ पन्ने वायरल हो रहे हैं. ये पन्ने मंगलवार को उदयपुरवाटी के विधायक राजेंद्र गुढ़ा ने सार्वजनिक किए. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इन पन्नों में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत, कुंजीलाल मीणा, जीआर खटाणा सहित अन्य लोगों का जिक्र है.
राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने जारी किए पन्ने उदयपुरवाटी विधानसभा से शिव सेना के उदयपुरवाटी प्रत्याशी और गहलोत सरकार में मंत्री रहे राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने इन चार पन्नों को उस समय सार्वजनिक किया है जब बुधवार को सीएम अशोक गहलोत उनके क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में जनसभा को संबोधित करने आ रहे है. राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने कहा कि बुधवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत उदयपुरवाटी आ रहे है. इसलिए इन पन्नों को सार्वजनिक करके उनका स्वागत कर रहा हूं.
गर्मा गई राजस्थान की सियासत बता दें कि राजस्थान के चुनाव से पहले एक बार फिर कथित लाल डायरी के चार पन्ने सार्वजनिक कर उदयपुरवाटी विधायक राजेंद्र गुढ़ा ने राजस्थान की सियासत को गर्मा दिया है. गुढ़ा ने कहा कि, आने वाले दिनों में वे चंवरा में एक और सभा को संबोधित करने आएंगे तब और पन्ने जारी करूंगा. उन्होंने कहा कि जो लोग यह कहते है कि लाल डायरी में कुछ नहीं. वे लोग इस लाल डायरी की और इसमें लिखे शब्दों की हैडराइटिंग की जांच करवा लें. सब सच सामने आ जाएगा. उन्होंने जो पन्ने आज सार्वजनिक किए है. उनमें वैभव गहलोत का जिक्र है. जिसमें वे बोल रहे है कि पापा के रहते हुए सरकार दुबारा नहीं आ सकती.
यही नहीं इन पन्नों में जीआर खटाना की एक माइन से जुड़े मामले का भी जिक्र है, जिसे लेकर कुंजीलाल मीणा और गौरव गोयल मना कर रहे है. गुढ़ा ने आरोप लगाया कि जीआर खटाना को सचिन पायलट के खेमे से तोड़ने के लिए उन्होंने अवैध रूप से माइन्स का संचालन करवाया. उन्होंने कहा कि पूर्व में जारी किए पन्नों में भी उन्होंने जो बातें सार्वजनिक की थी. उनकी भी जांच करवा ली जाए. उन्होंने मुख्यमंत्री को लेकर कहा कि वे यदि सही मायने में लोकप्रिय और जननायक हैं तो उन्हें सरदारपुरा की बजाय दूसरी सीट से चुनाव लड़ना चाहिए. जहां पर माली बाहुल्य न हो.
उन्होंने कहा कि, मुख्यमंत्री गोटी फिट अच्छे से कर लेते है और मैनेजमेंट के माहिर हैं. इस लाल डायरी की पुष्टि तो नहीं की जा सकती, लेकिन इसकी क्या सच्चाई है, जिसे लेकर गुढ़ा लगातर आरोप लगाते आ रहे हैं, यह एक बड़ा सवाल है.
उन्होंने यह भी बताया कि कथित लाल डायरी में यह भी लिखा हुआ है कि खुद मुख्यमंत्री के बेटे वैभव गहलोत यह कहते हैं कि उनके पापा सरकार रिपीट नहीं कर सकते. यह सब बातें डायरी में धर्मेंद्र राठौर ने लिखी है हालांकि इस लाल डायरी की भी जांच होना बाकी है और राजेंद्र गुढ़ा बार-बार यही कह रहे हैं कि वह पहले भी पन्ने सर्वजनि कर चुके हैं. पीएम मोदी भी इस लाल डायरी का जिक्र कई सभाओं में कर चुके हैं. भाजपा भी इसे लेकर लगातार हमलावर बनी हुई है.

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