
'पाकिस्तान को रोटी भी नसीब नहीं, चीन से भीख मांगते घूम रहे प्रधानमंत्री...' बोले नवाज शरीफ
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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने वीडियो लिंक के जरिए लंदन से लाहौर में एक पार्टी बैठक को संबोधित किया और कहा, आज पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पैसे की भीख मांगने के लिए मुल्क-मुल्क घूम रहे हैं. जबकि भारत चांद पर पहुंच गया है. जी20 बैठकें कर रहा है. भारत ने जो कारनामा किया वो पाकिस्तान क्यों नहीं कर पाया. इसके लिए कौन जिम्मेदार है?
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बाद अब पहली बार नवाज शरीफ ने भी खुलकर भारत की तारीफ की है. उन्होंने भारत की अर्थव्यवस्था से लेकर जी-20 समिट और मिशन चंद्रयान-3 की सफलता की सराहना की और कहा, जो हमें (पाकिस्तान) करना चाहिए था, वह भारत करके दिखा रहा है. नवाज शरीफ ने यह भी कहा कि हमारे प्रधानमंत्री मुल्कों में पैसे मांगते घूम रहे हैं. दुनिया और भारत की नजरों में आज हमारी क्या इज्जत है? पाकिस्तान में लोगों को रोटी जुटाना भी मुश्किल हो गया है.
पाकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ ने कहा, वो कौन लोग हैं, जिन्होंने आज पाकिस्तान का यह हाल कर दिया है. जो मैं और आप देख रहे हैं. वो कौन लोग हैं, जिन्होंने मुल्क को यहां तक पहुंचाया है. आज गरीब रोटी को तरसता है. वाकई आज गरीब रोटी को तरस रहा है. मैं वीडियो देख रहा था. कई बार देखता हूं. दो चार दिन पहले की बात है. आठ-आठ रोटियां एक पैकेट में लेकर एक शख्स बांट रहा है. यकीन मानिए मैंने उस भीड़ की गिनती की. करीब 100 से ज्यादा लोग खड़े होंगे. इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे. ये लोग रोटी पाने के लिए लाइन में खड़े थे. आज आम आदमी रोटी भी नहीं जुटा सकता है. यहां तक किसने पहुंचाया?
'30 हजार आ रहा बिजली का बिल, पेट भरने के लिए पैसे नहीं'
उन्होंने कहा, 2017 में तो यह हालात नहीं था. 2017 में रोटी भी मिलती थी. घी मिलता था. 50 रुपए किलो चीन मिलती थी और 60 रुपए लीटर पेट्रोल भी मिलता था. 500-500 रुपए बिजली का बिल आता था. पहले जिन्हें एक हजार का बिल आता था, आज उनके घर 30 हजार का बिल आ रहा है. वो कैसे पैसे जमा करेंगे? कहां से पैसे अदा करेंगे. अगर बिल भरते हैं तो बच्चों के पेट पालने के लिए पैसे नहीं बचता और बच्चों का पेट पालते हैं तो बिजली काट दी जाती है. मुझे बताएं कि मुल्क और कौम को इस हालात में पहुंचाने वाले वो लोग कौन हैं?
'जनरल बाजवा और जनरल फैज पाकिस्तान के मुजरिम'
नवाज शरीफ ने आगे कहा, उनकी शक्लें हमारे सामने हैं. उनका कभी हिसाब होगा या नहीं होगा. लेकिन, क्या हमारा सिस्टम इस काबिल है कि उनको सजा दिलाए. मेरा और आपका तो एक मिनट में हिसाब होता है. मेरा भी होता है. मैंने मुल्क की बेहतरी के लिए काम किया और मुझे ही 11-11 साल मुल्क से दूर रहने के लिए मजबूर किया गया है. जेलों में डाला जाता है. कोर्ट में नवाज शरीफ को 27 साल की सजा सुनाई जाती है. इसलिए कि वो पाकिस्तान को बेहतर और मजबूत बनाता है. आप ये इनाम दे रहे हैं? चार जज बैठते हैं और करोड़ों लोगों के चुने प्रधानमंत्री को चलता कर देते हैं. उनके पीछे कौन है? उसके पीछे जनरल बाजवा और जनरल फैज हैं. आलाकार साकिर, खोसा, पनामा वाला बेंच और इजादुल्ला हसन है. ये लोग करोड़ों के आवाम के बहुमत वाले प्रधानमंत्री को एक मिनट में छुट्टी कराके जेलों में डालते हैं.

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