
पंजाब में जन्मे, ओमान की कप्तानी... ऐसी है भारतवंशी क्रिकेटर जतिंदर सिंह की कहानी
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ओमान क्रिकेट के लिए एशिया कप 2025 सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि अस्तित्व और पहचान की सबसे बड़ी परीक्षा है. इस ऐतिहासिक सफर की कमान संभाल रहे हैं पंजाब के बेटे और ओमान के कप्तान जतिंदर सिंह. 1300 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय रन बनाने वाले जतिंदर सिर्फ बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि पूरी टीम के लिए नई उम्मीद भी हैं.
यूएई की चमचमाती रोशनी में जब जतिंदर सिंह मैदान पर उतरेंगे, तो उनके कंधों पर सिर्फ बल्ले का बोझ नहीं होगा- बल्कि पूरे ओमान की उम्मीदें टिकी होंगी. पहली बार एशिया कप में उतर रही यह टीम इतिहास रचने का सपना देख रही है.
लुधियाना में जन्मे जतिंदर ने किशोरावस्था में ओमान का रुख किया था. उनके लिए यह टूर्नामेंट महज एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि निजी मुकाम और ओमान क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक छलांग है. कभी भारत और पाकिस्तान से भिड़ने का ख्वाब देखने वाला यह लड़का आज कप्तान बन चुका है.
उन्होंने लंबे समय तक टीम की अगुवाई करने वाले जीशान मकसूद की जगह ली है. 2016 में जब ओमान क्वालिफायर में ही बाहर हो गया था, तब हालात अलग थे. लेकिन इस बार एशिया कप के मुख्य दौर में डेब्यू करने जा रही टीम को ग्रुप-ए में भारत, पाकिस्तान और मेजबान यूएई के साथ रखा गया है. उनका अभियान 12 सितंबर से दुबई में पाकिस्तान के खिलाफ मैच से शुरू होगा.
जतिंदर मानते हैं कि यह एशिया कप ओमान क्रिकेट के लिए नए युग की शुरुआत है. उन्होंने इंडिया टुडे से बातचीत में कहा, 'हमारा मंत्र बिल्कुल साफ है- निडर होकर क्रिकेट खेलना और ओमान को गर्व महसूस कराना. हम हिस्सा लेने नहीं, बल्कि मुकाबला करने आए हैं. हम दिखाना चाहते हैं कि ओमान इस मंच का हकदार है.'
सिर्फ एक साल पहले करार विवाद के चलते 11 खिलाड़ी सस्पेंड कर दिए गए थे. ऐसे हालात में जतिंदर को टीम को फिर से खड़ा करने की जिम्मेदारी दी गई. जतिंदर कहते हैं, 'टीम में कई नए खिलाड़ी हैं. इनमें भूख और जोश है. अनुभव समय के साथ आएगा, फिलहाल उन्हें आत्मविश्वास देना जरूरी है. मुझे गर्व है कि ये खिलाड़ी जल्दी सीख रहे हैं.'
'कभी सोचा नहीं था ओमान की कप्तानी करूंगा'

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