
धनखड़ की मिमिक्री पर भड़की बीजेपी और सरकार, Reel बना रहे राहुल गांधी को भी घेरा
AajTak
संसद के बाहर प्रदर्शन करते हुए एक TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ की नकल उतारकर मिमिक्री की, जिस पर उपराष्ट्रपति भड़क गए हैं. उपराष्ट्रपति ने इस घटना को शर्मनाक बताते हुए कहा कि यह हास्यास्पद और अस्वीकार्य है कि एक सांसद मजाक उड़ा रहा है और दूसरा सांसद उस घटना का वीडियो बना रहा है.
संसद का शीतकालीन सत्र हंगामे की भेंट चढ़ रहा है. पिछले दो दिनों में ही संसद में 100 से ज्यादा सांसद हंगामा करने की वजह से ही निलंबित हो चुके हैं. ऐसे में विपक्षी सांसद मंगलवार को संसद भवन के बाहर बैठकर प्रदर्शन कर रहे थे. ऐसे में बाहर प्रदर्शन करते हुए एक तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ की नकल उतारकर मिमिक्री की, जिस पर उपराष्ट्रपति भड़क गए हैं. उपराष्ट्रपति ने इस घटना को शर्मनाक बताते हुए कहा कि यह हास्यास्पद और अस्वीकार्य है कि एक सांसद मजाक उड़ा रहा है और दूसरा सांसद उस घटना का वीडियो बना रहा है.
बता दें कि कल्याण बनर्जी जब उपराष्ट्रपति की नकल उतार रहे थे तो उस वक्त राहुल गांधी अपने मोबाइल से उनकी वीडियो बना रहे थे. राहुल गांधी के इस रवैये को लेकर अब भाजपा नेता कांग्रेस पर जमकर निशाना साध रहे हैं. इस पर भाजपा नेता गिरिराज सिंह ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'जाट और किसान परिवार से आने वाले माननीय उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ जी का जिस तरह राहुल गांधी के निर्देशन में अपमान किया जा रहा है, वह असहनीय है. भारत इसका बदला जरूर लेगा और जिस तरह से वे आज कैमरों का इस्तेमाल कर रहे हैं, कल वे कैमरों से अपना चेहरा छिपाएंगे.'
'Reel वीडियो ने Real चेहरा उजागर कर दिया'
वहीं केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी विपक्षी नेताओं की इस हरकत पर निशाना साधा. उन्होंने लिखा, 'घमंडिया गठबंधन के सांसदों के इस 'Reel' वीडियो ने उनके ओछापन का 'Real' चेहरा देश के सामने उजागर कर दिया. संसद, संसदीय प्रक्रिया, संसदीय प्रणाली का सरेआम उड़ाया जा रहा यह मजाक देश देख रहा है.'
'राहुल Reel बनाने में मशगूल हैं'
धर्मेंद्र प्रधान ने आगे लिखा, 'विपक्ष की हालत 'चोर मचाये शोर' वाली है. आज देश के समक्ष दूध का दूध और पानी का पानी हो रहा है कि क्यों कुछ सदस्य निलंबित हैं. ऐसी घटिया हरकत करते हुए इनको जरा भी शर्म नहीं आयी, बल्कि “मोहब्बत के कथित स्वघोषित ठेकेदार” इस ओछापन की reel बनाने में भी मशगूल हैं. घमंडिया गठबंधन के दलों में यह होड़ मची है क़ि कौन कितना नीचे गिरेगा. जो जितना गिरेगा शायद वह उतना ही घमंडिया गठबंधन का नेतृत्व करने का हक़दार होगा. लोकतंत्र की दुहाई देकर संसद को बार-बार बंधक बनाने वाले इन लोगों में लोकतंत्र और लोकतांत्रिक प्रतीकों के लिए थोड़ा भी सम्मान नहीं है. जब सत्ता में होते हैं तो लोकतंत्र को अपना गुलाम समझते हैं और जब सत्ता में नहीं होते हैं तो लोकतंत्र को बदनाम करने में लगे रहते हैं. देश इनके दोहरे चरित्र को भलीभांति समझ गया है. इस फूहड़पन के लिए कांग्रेस और घमंडिया गठबंधन को इस बार देश की जनता दो डिजिट में समेट देगी.

नितिन नबीन बीजेपी के सबसे युवा अध्यक्ष हैं. पीएम मोदी ने आज नितिन नबीन को मिलेनियल बताया. नितिन नबीन के लिए 2026 की चुनावी चुनौती बड़ी है, क्योंकि बंगाल, केरल, और तमिलनाडु में बीजेपी कभी सत्ता में नहीं रही. 2027 में यूपी का भी चुनाव है. सवाल है कि क्या नितिन नबीन के युवा नेतृत्व का जोश, क्या विपक्ष को और मुसीबत में डालने वाला है? देखें हल्ला बोल.

अहमदाबाद के घाटलोडिया इलाके में नेशनल स्कूल के बाहर दसवीं के छात्र पर जानलेवा हमला हुआ है. परीक्षा खत्म होने के तुरंत बाद 8 से 10 हमलावरों ने छात्र को घेर लिया और उसे स्कूल से लगभग 50 मीटर दूर तक घसीट कर चाकू, पाइप और लकड़ी से बेरहमी से मारा. इस मामले में स्कूल के चार छात्र और उनके साथी शामिल हैं. पुलिस ने बताया कि यह हमला पुरानी रंजिश के कारण हुआ है.

जम्मू-कश्मीर के किश्तवार जिले में ऑपरेशन त्राशी-1 के दौरान सुरक्षा बलों ने आतंकियों की छिपने की जगह का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया है. यह ऑपरेशन आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के तहत किया गया जिसमें आतंकियों को पकड़ने और उन्हें मार गिराने के उद्देश्य से सुरक्षा बल सक्रिय थे. इस अभियान में आतंकियों के छिपने के स्थान का पता चलने से इलाके में सुरक्षा अभी और सख्त हो गई है.

प्रयागराज माघ मेला प्राधिकरण ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को शंकराचार्य पद के दावे पर नोटिस जारी किया है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के अक्टूबर 2022 के आदेशों का हवाला दिया गया है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि नोटिस सुप्रीम कोर्ट की अवमानना है और उन्होंने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है.

कोर्ट ने पारदर्शी और जवाबदेह प्रणाली बनाने पर जोर दिया ताकि बिना नसबंदी वाले कुत्तों की रिपोर्टिंग हो सके. 28 जनवरी को सरकारों की ओर से सॉलिसिटर जनरल अपनी दलीलें प्रस्तुत करेंगे. कोर्ट ने एनिमल राइट्स एक्टिविस्ट के पॉडकास्ट पर नाराजगी जताई और मामले की गंभीरता को रेखांकित किया. ये सुनवाई आवारा कुत्तों की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.








