
दूसरों को फंसाने वाले जिनपिंग अब खुद फंसे! कर्ज में डूबा देश... जानें- कैसे हुई चीन की ऐसी हालत
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चीन गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है. उस पर कर्ज बेतहाशा बढ़ता जा रहा है. आंकड़ों के मुताबिक, 2023 के आखिर तक चीन पर उसकी जीडीपी का 288 फीसदी कर्ज था. ये 2022 की तुलना में 13 फीसदी ज्यादा है. ऐसे में समझते हैं कि चीन की ऐसी हालत कैसे हो गई?
चीन की अर्थव्यवस्था कमजोर होती जा रही है. दिलचस्प बात ये है कि अब तक गरीब और छोटे मुल्कों को अपने कर्ज के जाल में फंसाने वाला चीन खुद कर्ज के तले दबता जा रहा है.
साल 2023 के आखिरी तक चीन पर उसकी जीडीपी का 288% का कर्ज था. ये अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है. 2022 के मुकाबले ये 13.5 फीसदी ज्यादा था.
चीन में विकास दर धीमी होती जा रही है. रोजगार हैं नहीं. रियल एस्टेट सेक्टर बुरी तरह तबाह होता दिख रहा है. पिछले साल अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने चीन की अर्थव्यवस्था के भविष्य को 'खतरनाक' बताया था.
कितना कर्ज है चीन पर?
न्यूजवीक की रिपोर्ट के मुताबिक, 2023 के आखिर तक चीन पर कुल 560 अरब डॉलर का कर्ज था. ये उसकी जीडीपी का 287.8 फीसदी था.
निक्केई-एशिया के मुताबिक, चीन के परिवारों पर कर्ज बढ़कर जीडीपी का 63.5 फीसदी पहुंच गया है. वहीं, गैर-वित्तीय कॉर्पोरेट पर कर्ज बढ़कर 168.4 फीसदी और सरकार पर कर्ज 55.9 फीसदी हो गया है.

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