
दुश्मन सेना पर तोप के गोले बरसाने को तैयार हैं भारत की बेटियां, मिलिए उन 5 महिला ऑफिसर्स से
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पासिंग आउट परेड का समापन कमीशनिंग का क्षण था, जब युवा महिला कैडेट्स ने संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ ली और अपना रैंक प्रतीक चिन्ह प्राप्त किया, जो आर्टिलरी रेजिमेंट में उनकी एंट्री का प्रतीक है.
भारत की बेटियां अब दुश्मन सेना पर तोप के गोले बरसाने के लिए तैयार हैं. भारतीय सेना ने महिला अधिकारियों को आर्टिलरी रेजिमेंट में शामिल किया है, जो कि एक प्रमुख मुकाबला समर्थन शाखा है. 29 अप्रैल 2023 को ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (OTA), चेन्नई में सफल ट्रेनिंग पूरी करने के बाद पांच महिला अधिकारियों को आर्टिलरी रेजिमेंट में शामिल किया है. तीन महिला अधिकारियों की तैनाती उत्तरी सीमाओं पर तैनात यूनिट्स में और अन्य दो महिला अधिकारी पश्चिमी थिएटर में चुनौतीपूर्ण स्थानों पर मौर्चा संभालेंगी.
भारतीय सेना बड़ा बदलाव आर्टिलरी रेजिमेंट में महिला अधिकारियों की कमीशनिंग भारतीय सेना में चल रहे बदलाव का एक प्रमाण है, जब इस साल जनवरी में सेनाध्यक्ष जनरल मनोज पांडे ने महिला अधिकारियों को आर्टिलरी में कमीशन देने के फैसले की घोषणा की थी, जिसे बाद में सरकार ने अप्रूव किया. इस महत्वपूर्ण घटना ने भारतीय सेना में महिला अधिकारियों की जर्नी में एक प्रमुख मील का पत्थर चिह्नित किया, जो अपने देश की वीरता और विशिष्टता के साथ सेवा करने के लिए बैरियर्स को तोड़ रही हैं.
सेना में मिलेगा पुरुषों के बराबर सम्मान और चुनौती आर्टिलरी की रेजिमेंट में कमीशन की जा रही पांच महिला अधिकारियों (डब्ल्यूओ) को उनके पुरुष के बराबर अवसर और चुनौतियों का सामना करने का मौका दिया है. 19 पुरुष अधिकारियों को भी आर्टिलरी में कमीशन किया जाता है. इन युवा महिला अधिकारियों को सभी प्रकार की आर्टिलरी यूनिट में तैनात किया जा रहा है, जहां उन्हें चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में रॉकेट, मीडियम, फील्ड और सर्विलांस एंड टारगेट एक्विजिशन (SATA) और उपकरणों को संभालने के लिए ट्रेनिंग और एक्सपोजर मिलेगा.
भारत की ये पांच बेटियां तोपखाने की रेजिमेंट में हुईं शामिल लेफ्टिनेंट महक सैनी (Lt Mehak Saini) को एक SATA रेजिमेंट में, लेफ्टिनेंट साक्षी दुबे और लेफ्टिनेंट अदिति यादव को फील्ड रेजिमेंट में, लेफ्टिनेंट पवित्र मुदगिल को एक मीडियम रेजिमेंट में और लेफ्टिनेंट आकांक्षा को एक रॉकेट रेजिमेंट में कमीशन दिया गया है.
पासिंग आउट परेड का समापन देश को गौरव से भर देना वाला पल था, जब युवा महिला कैडेट्स ने संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ ली और अपना रैंक प्रतीक चिन्ह प्राप्त किया, जो आर्टिलरी रेजिमेंट में उनकी एंट्री का प्रतीक है. इस समारोह में लेफ्टिनेंट जनरल अदोष कुमार, कर्नल कमांडेंट और आर्टिलरी के महानिदेशक (नामित) सहित वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों, अन्य गणमान्य व्यक्तियों और नए कमीशन अधिकारियों के गर्वित परिवार के सदस्यों ने भाग लिया.

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