
दिल्ली में केजरीवाल की जीत और हार दोनों ही बीजेपी पर बराबर असर डालने वाले हैं | Opinion
AajTak
दिल्ली विधानसभा चुनाव को अगर बीजेपी और कांग्रेस के हिसाब से देखें, तो अरविंद केजरीवाल की हार और जीत - दोनों ही सूरत में फायदा और नुकसान बराबर लगता है.
दिल्ली चुनाव को लेकर INDIA ब्लॉक में फूट पड़ जाने से नये समीकरण, और नई संभावनाएं बनने लगी हैं. मैदान में आम आदमी पार्टी और बीजेपी भी डटे हुए हैं, लेकिन पूरी लड़ाई में सिर्फ कांग्रेस ही अकेली पड़ती नजर आ रही है.
कांग्रेस की कोशिश रही होगी कि दिल्ली में त्रिकोणीय मुकाबला हो जाये, न कि लड़ाई आम आदमी पार्टी बनाम भारतीय जनता पार्टी बन कर रह जाये, लेकिन अब तो बात काफी आगे निकल चुकी है.
अरविंद केजरीवाल को अखिलेश यादव और ममता बनर्जी का सपोर्ट मिल जाने के बाद साफ है कांग्रेस कमजोर पड़ेगी, और मुकाबले में पिछड़ भी सकती है.
दिल्ली में वोट शेयर काफी कम हो जाने की वजह से कांग्रेस की दावेदारी तो वैसे भी काफी कमजोर महसूस हो रही थी, लेकिन तत्परता देख कर लग रहा है कि कांग्रेस पिछले चुनाव के मुकाबले ज्यादा गंभीर है. 2015 के चुनाव में कांग्रेस वोट शेयर 9.65 फीसदी था, और 2020 तक आते आते ये 4.26 पर पहुंच गया था. हां, लोकसभा चुनाव में 18.91 फीसदी जरूर दर्ज किया गया है, लेकिन विधानसभा चुनाव में ऐसा कोई चमत्कार दिखेगा लगता तो नहीं है.
दिल्ली चुनाव को लेकर कांग्रेस नेता पहले से ही खासे एक्टिव और आक्रामक देखे जा रहे हैं, लेकिन इंडिया ब्लॉक में फूट पड़ जाना कांग्रेस के लिए भारी पड़ता नजर आ रहा है.
देखा जाये तो जो कुछ भी चल रहा है, बीजेपी का पक्ष मजबूत हो रहा है - लेकिन ऐसा भी नहीं है कि दिल्ली चुनाव में आम आदमी पार्टी को शिकस्त देकर सिर्फ फायदे में ही रहेगी, कई सारे नुकसान भी हो सकते हैं.

हैदराबाद में आगामी रामनवमी शोभा यात्रा को लेकर गोशामहल के विधायक टी. राजा सिंह ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि साल 2010 से लगातार शोभा यात्रा आयोजित की जा रही है, लेकिन हर साल पुलिस की ओर से बाधाएं खड़ी की जाती हैं. उनका आरोप है कि सिदंबर बाजार, पुराना पुल और बेगम बाजार जैसे इलाकों में विशेष रूप से लाठीचार्ज के लिए टास्क फोर्स तैनात की जाती है. साथ ही उन्होंने दावा किया कि हर साल उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाती है और इस बार भी पुलिस अपनी गलतियों का ठीकरा उन पर फोड़ सकती है.

जम्मू-कश्मीर के बडगाम में लोगों ने ईरान के समर्थन में सोना, चांदी और नकद दान किया. यह कदम पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच उठाया गया है. लोग एक जगह इकट्ठा होकर मदद के लिए आगे आए. बडगाम के विधायक मुंतज़िर मेहदी ने भी एक महीने की सैलरी दान करने की घोषणा की. यह घटना दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का असर दूर तक हो रहा है और लोग इंसानियत के लिए साथ खड़े हो रहे हैं.

महाराष्ट्र के नासिक में खुद को धर्मगुरु बताने वाले अशोक कुमार खरात पर दुष्कर्म, शोषण, जबरन गर्भपात, ठगी और जमीन विवाद में हत्या जैसे गंभीर आरोप लगे हैं. मामला एक गर्भवती महिला की शिकायत से सामने आया, जिसके बाद स्पाई कैमरे से 100 से ज्यादा वीडियो मिले. कई महिलाओं ने सालों तक शोषण का आरोप लगाया है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है, जिसमें और बड़े खुलासों की आशंका है.










