
तो दूसरे बच्चों के पापा से हो जाएगा अफेयर... ये कहकर महिला को स्कूल से निकाला!
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इंग्लैंड में एक महिला को उसके बेटे के प्लेग्रुप से स्कूल ने बाहर निकाल दिया. इसकी वजह महिला का पहनावा था. महिला का कहना है कि उनसे जलने वाली कुछ मां ने उसके पहनावे की शिकायत की थी. इसके बाद उसे अपने बच्चे के प्लेग्रुप में आने से बना कर दिया गया.
एक महिला को उसके दो साल के बच्चे के प्लेग्रुप से बाहर निकाल दिया गया. यह सब सिर्फ महिला के कपड़ों की वजह से हुआ. महिला का कहना है कि क्या अब वह अपने पसंद के कपड़े भी नहीं पहन सकती. उन्होंने इसके लिए दूसरे बच्चों की माताओं को जिम्मेदार ठहराया है.
मिरर की रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर और डीजे जोडी वेस्टन को उनके 2 साल के बेटे के प्लेग्रुप से स्कूल ने बाहर निकाल दिया . क्योंकि वह जो कपड़े पहनती थीं. उस पर दूसरे बच्चों की मांओं को आपत्ति थी. इसके बाद भी वह अपनी पसंद के कपड़े पहनने के अपने फैसले पर कायम हैं.
महिला के कपड़ों पर थी आपत्ति 30 साल की जोडी वेस्टन ने बताया कि वह अपने दो साल के बेटे कोआ-जायडे के प्लेग्रुप में शामिल न हो पाने पर काफी बुरा महसूस करती हैं. जोडी का दावा है कि उन्हें इस ग्रुप में शामिल होने से इसलिए रोका गया क्योंकि उनके पहनावे को अनुचित श्रेणी में रखा गया था.
जोडी का मानना है कि यह प्रतिबंध शायद मेरी तैराकी पोशाक से जुड़े एक ड्रेस की वजह से हुआ. पहले भी प्लेग्रुप में शामिल होने पर मुझे ज्यादा शालीन स्विमसूट पहनने को कहा गया था. जोडी ने कहा कि मेरी फीगर ऐसी है कि मैं कुछ भी पहनती हूं तो सबसे अलग दिखती हूं.
दूसरे बच्चों के पापा से अफेयर का महिलाओं ने जताया डर उन्होंने कहा कि मैं अपने शरीर को नहीं बदल सकती है. वो जैसा है वैसा ही दिखता है. यह मेरी गलती नहीं है कि मैं दूसरों से बेहतर दिखती हूं. जोडी ने यह भी दावा किया है कि उनका मानना है कि उन पर प्रतिबंध इसलिए लगाया गया है क्योंकि अन्य माताओं को डर है कि उसके प्लेग्रुप में आने से उनके पतियों को उनसे छीन लेंगी.
प्लेग्रुप से निकाले जाने पर दुखी है महिला उन्होंने कहा कि कुछ मां इस बात से परेशान हो गई हैं और सोचती हैं कि मैं उनके पतियों को उनसे दूर करने के लिए ऐसा कर रही हूं. जबकि ऐसा नहीं है. मैं तो सिर्फ अपने पसंद के कपड़े पहनना चाहती हूं. प्लेग्रुप में प्रतिबंध के खिलाफ अपने विरोध के बावजूद, जोडी का कहना है कि इस पूरी स्थिति ने उन्हें काफी दुखी कर दिया है और वह जो पहनना चाहती हैं, उसे पहनने से भी वंचित कर दिया है.

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