
ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस की बैठक में भारत की शिरकत, अमेरिकी राष्ट्रपति ने दोहराया भारत-पाक संघर्ष रोकने का दावा
The Wire
भारत गुरुवार को वॉशिंगटन में गाज़ा पर डोनाल्ड ट्रंप के बनाए 'बोर्ड ऑफ पीस' की पहली बैठक में पर्यवेक्षक की हैसियत से शामिल हुआ. हफ्तेभर पहले भारतीय विदेश मंत्रालय ने अमेरिका से मिले बोर्ड में शामिल होने के प्रस्ताव को 'विचाराधीन' बताया था. नई दिल्ली ने यह साफ नहीं किया है कि वह केवल पर्यवेक्षक बना रहेगा या भविष्य में बोर्ड का पूर्ण सदस्य बनेगा.
नई दिल्ली: भारत ने गुरुवार (19 फरवरी) को गाजा पर डोनाल्ड ट्रंप द्वारा बनाए गए ‘बोर्ड ऑफ पीस‘ की पहली बैठक में एक पर्यवेक्षक के तौर पर शिरकत की.
ज्ञात रहे कि इस संस्था की आलोचना हो रही है क्योंकि इसे संयुक्त राष्ट्र के महत्व को कम करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.
वॉशिंगटन में हुई इस बैठक में करीब 50 देशों और यूरोपीय संघ ने हिस्सा लिया, जिनमें से कई देश केवल पर्यवेक्षक के रूप में शामिल हुए. भारत का प्रतिनिधित्व वॉशिंगटन डीसी स्थित दूतावास की अधिकारी नमग्या खम्पा (Chargé d’affaires) ने किया.
बैठक के मंच से अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने उस दावे को भी दोहराया कि उन्होंने पिछले साल भारत और पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष को भारी टैरिफ और व्यापारिक प्रतिबंधों की धमकी देकर रुकवाया था.
करीब एक हफ्ते पहले भारत के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका से मिले इस बोर्ड में शामिल होने के प्रस्ताव को ‘विचाराधीन’ बताया था, जिससे संकेत मिला था कि इस निमंत्रण पर अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है. गौरतलब है कि 22 जनवरी को दावोस में जब ट्रंप ने आधिकारिक तौर पर इस बोर्ड का अनावरण किया था, तब भारत उस समारोह में शामिल नहीं हुआ था.
फिलहाल भारत की ओर से इस बैठक में शामिल होने पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. नई दिल्ली ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि वह केवल एक पर्यवेक्षक बना रहेगा या भविष्य में इसका पूर्ण सदस्य बनेगा.

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