
झारखंड: रामनवमी शोभायात्रा में हिंसा के बाद लोहरदगा में तनाव, इंटरनेट बंद, RAF की तैनाती
AajTak
रामनवमी शोभायात्रा में हिंसा होने के बाद भरत मिलाप शोभायात्रा और चैती दुर्गा विसर्जन कार्यक्रम समेत सभी तरह के धार्मिक अनुष्ठान के लिए जो अनुमति दी गई थी उसे प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है. इस आदेश के खिलाफ जिले भर के लोगों ने अपने-अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान और दुकानों को बंद रखा.
झारखंड के लोहरदगा में रामनवमी शोभायात्रा पर पथराव, आगजनी और हिंसा के बाद अभी भी तनाव की स्थिति बनी हुई है. पूरे जिले में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है. इस घटना में एक व्यक्ति की मौत की खबर है. जबकि 1 दर्जन लोग घायल हुए हैं. हालांकि प्रशासन की तरफ से मौत की पुष्टि नहीं की गई है. जिले में तनाव को देखते हुए रैपिड एक्शन फोर्स शांति व्यवस्था कायम करने की कोशिश में जुटी हुई है जिसके लिए फ्लैग मार्च भी निकाला गया है. लोहरदगा जिले में दस अप्रैल की रात से ही इंटरनेट सेवा बंद है. घटना के बाद से हिरही और आसपास के कई गांवों में पुलिस बल लगातार तैनात हैं.
हिंसा के बाद कई गांवों के लोग परिवार सहित घर छोड़कर पलायन कर गए हैं. जिले में इंटरनेट सेवा पर प्रतिबंध लगाए जाने की वजह से बैंक भी बंद हैं.
बता दें कि 10 अप्रैल को लोहरदगा के हिरही भोक्ता बागीचा श्रीरामनवमी शोभायात्रा में हिंसा हुई थी जिसके बाद पूरे जिले में तनाव फैल गया. हिंसा और आगजनी की घटना के बाद 11 अप्रैल को लोहरदगा शहर पूरी तरह बंद रहा. प्रशासन ने धार्मिक अनुष्ठान के लिए दी गई अनुमति को तत्काल वापस ले लिया है.
जानकारी के मुताबिक जिले में बाजार बंद रहने के कारण डेढ़ सौ करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है. वहीं इस पूरे मामले को लेकर उपायुक्त वाघमारे ने बताया कि जिले की स्थिति शांतिपूर्ण और नियंत्रण में है.
पूरे जिले में काफी कम यात्री बसें चल रही है. इक्का-दुक्का ऑटो ही सड़कों पर है. स्कूल कॉलेज खुले हुए हैं लेकिन हिंसा की खबर के बाद छात्रों की संख्या में भारी कमी देखी जा रही है.
ये भी पढ़ें:

हैदराबाद में आगामी रामनवमी शोभा यात्रा को लेकर गोशामहल के विधायक टी. राजा सिंह ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि साल 2010 से लगातार शोभा यात्रा आयोजित की जा रही है, लेकिन हर साल पुलिस की ओर से बाधाएं खड़ी की जाती हैं. उनका आरोप है कि सिदंबर बाजार, पुराना पुल और बेगम बाजार जैसे इलाकों में विशेष रूप से लाठीचार्ज के लिए टास्क फोर्स तैनात की जाती है. साथ ही उन्होंने दावा किया कि हर साल उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाती है और इस बार भी पुलिस अपनी गलतियों का ठीकरा उन पर फोड़ सकती है.

जम्मू-कश्मीर के बडगाम में लोगों ने ईरान के समर्थन में सोना, चांदी और नकद दान किया. यह कदम पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच उठाया गया है. लोग एक जगह इकट्ठा होकर मदद के लिए आगे आए. बडगाम के विधायक मुंतज़िर मेहदी ने भी एक महीने की सैलरी दान करने की घोषणा की. यह घटना दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का असर दूर तक हो रहा है और लोग इंसानियत के लिए साथ खड़े हो रहे हैं.

महाराष्ट्र के नासिक में खुद को धर्मगुरु बताने वाले अशोक कुमार खरात पर दुष्कर्म, शोषण, जबरन गर्भपात, ठगी और जमीन विवाद में हत्या जैसे गंभीर आरोप लगे हैं. मामला एक गर्भवती महिला की शिकायत से सामने आया, जिसके बाद स्पाई कैमरे से 100 से ज्यादा वीडियो मिले. कई महिलाओं ने सालों तक शोषण का आरोप लगाया है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है, जिसमें और बड़े खुलासों की आशंका है.










