
जाली नोटों का धंधा-डी कंपनी से कनेक्शन... भारत के खिलाफ ऐसे एक्टिव था नेपाल में मारा गया ISI एजेंट
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पुलिस और खुफिया सूत्रों की मानें तो जाली नोटों के कमीशन को लेकर उसकी दूसरे धंधेबाज़ों से पुरानी दुश्मनी चली आ रही थी और उसने दाऊद इब्राहिम गैंग के शूटरों की मदद से बलराम पटुआ नाम के एक कारोबारी की हत्या करवा दी थी.
नेपाल की राजधानी काठमांडू से कुछ तस्वीरें आईं. जिनमें दिख रहा है कि जैसे ही एक शख्स कार से नीचे उतरता है, अचानक एक हमलावर उसे कार के चारों तरफ दौड़ा-दौड़ा कर गोली मारता है. फिर खुलासा होता है कि जिस शख्स को गोली मारी गई, वो पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का एजेंट था. साथ ही डी कंपनी के साथ भी उसका कनेक्शन था. उस शख्स पर भारत में जाली नोट सप्लाई करने का भी इल्जाम है. अब सवाल ये है कि उसका कत्ल किसने और क्यों किया?
काठमांडू में सोमवार को हुई वारदात जिस वक्त शख्स को गोली मार गई वह रात का समय था. सिवाय एक मकान के गली में पूरी तरह अंधेरा छाया था. उसी मकान के बाहर एक सफेद रंग की कार आकर रुकती है. कार रुकने के साथ ही हाथ में रूमाल लिए सफेद कुर्ता पायजामा पहने एक शख्स गाड़ी से नीचे उतरता है. लेकिन इससे पहले कि वो कुछ समझ पाता अचानक कार के पीछे अंधेरे से गोलियों की आवाज़ के साथ चिंगारी दिखाई देती है. गोली इसी सफेद कुर्ते पायजामे वाले शख्स को निशाना बना कर ही चलाई गई थी. सिर पर मंडराती मौत को देखकर गाड़ी से नीचे उतरे शख्स के होश फाख्ता हो जाते हैं और वो बचने के लिए बेतहाशा भागने लगता है. लेकिन जब उसे बचने का कोई रास्ता दिखाई नहीं देता, तो फिर वो कार के ही गोल-गोल चक्कर लगाने लगता है.
हर हाल में उसकी जान लेना चाहते थे हमलावर हमलावर भी गाड़ी के इर्द-गिर्द घूम-घूम कर उसे निशाना बनाने की कोशिश करते हैं. इस रेस में जीत आख़िरकार हमलावरों की ही होती है. गाड़ी का एक चक्कर लगाने के बाद आखिरकार गोलियों का शिकार बन रहे शख्स की हिम्मत जवाब दे देती है. वो कुछ देर के लिए रुककर सरेंडर करने की मुद्रा में अपने दोनों हाथ भी ऊपर उठाता है. लेकिन हमलावर उसे बख्शने के मूड में नज़र नहीं आते और फायरिंग जारी रहती है. आखिरकार वो गाड़ी के दांयी ओर पिछले टायर के पास गिर जाता है और इसके बाद उसपर कुछ और गोलियां बरसा कर हमलावर अंधेरे में ही गायब हो जाते हैं.
छत से नीचे कूद पड़ी थी लड़की सीसीटीवी की उन तस्वीरों को ध्यान से देखने पर पता चलता है कि इस फायरिंग के दौरान मकान की छत से एक लड़की सीधे नीचे कूद जाती है और फिर किसी तरह उठकर हमलावरों के पीछे भागती है. लेकिन तब तक देर हो चुकी होती है. हमलावर दूर जा चुके हैं. ये लड़की कोई और नहीं बल्कि गोलियों का शिकार बने कुर्ते पायजामे वाले शख्स की बेटी है, जो अपने बाप पर हमला होता देख उसे बचाने के लिए छत से छलांग लगाकर हमलावरों के पीछे भागती है. शूटर्स के भागने के बाद कुर्ते पायजामे वाला शख्स किसी तरह लड़खड़ाता हुआ खड़ा होता है और घरवाले उसे अंदर ले जाते हैं. आनन-फानन में लोग उस शख्स को अस्पताल ले जाते हैं, जहां इलाज के दौरान गुमनाम हमलावरों की गोलियों का शिकार बनने वाले उस आदमी की मौत हो जाती है.
आईएसआई एजेंट था मरनेवाला शख्स सीसीटीवी में कैद हमले की तस्वीरें बेहद चौंकाने वाली हैं. लेकिन जब इस हमले में मारे गए शख्स की पहचान सामने आती है, तो कहानी और भी ज्यादा सनसनीखेज़ हो जाती है. क्योंकि शूटरों की गोलियों का निशाना बनने वाला वो शख्स कोई मामूली आदमी नहीं, बल्कि नेपाल में बैठ कर भारत में नकली नोटों का कारोबार चलाने वाला आईएसआई का एजेंट मोहम्मद दर्जी उर्फ लाल मोहम्मद था. लाल मोहम्मद का संबंध दाऊद इब्राहिम गैंग से था. वो उसी के इशारे पर आईएसआई के लिए ये काम कर रहा था.
दागदार रहा है लाल मोहम्मद का अतीत लाल मोहम्मद पर हमला काठमांडू के बाहरी इलाके में सोमवार की शाम को हुआ था. हमलावरों ने उसे कागेश्वरी मनोहरा म्यूनिसिपल्टी के गोठा-टर इलाके में तब घेर कर मार डाला, जब वो कहीं बाहर से घर लौट रहा था. फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच तो कर रही है, लेकिन क़ातिल और क़त्ल की साज़िश को लेकर उसके हाथ अभी खाली हैं. क्योंकि सीसीटीवी में कैद कातिलों की तस्वीरें साफ नहीं हैं और इन तस्वीरों के सहारे किसी को पहचानना बहुत मुश्किल है. ऊपर से हमले में मारे गए लाल मोहम्मद का ट्रैक रिकॉर्ड और उसकी मौजूदा प्रोफाइल के ज़रिए भी पुलिस के लिए उसके कातिलों के बारे में पता करना कम चुनौती भरा नहीं है. क्योंकि जाली नोटों के धंधे से जुड़े इस आईएसआई एजेंट का अतीत भी बेहद दागदार रहा है.

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