
छत्तीसगढ़: रायपुर में CRPF जवानों को ले जा रही ट्रेन में धमाका, 6 जवान घायल; 1 गंभीर
Zee News
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के रायपुर रेलवे स्टेशन (Raipur Railway Station) में अचानक हुए धमाके (Blast) से सनसनी फैल गई. इस घटनाक्रम में सीआरपीएफ (CRPF) के करीब 6 जवान घायल हो गए.
नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के रायपुर रेलवे स्टेशन (Raipur Railway Station) में अचानक हुए धमाके (Blast) से सनसनी फैल गई. इस घटनाक्रम में सीआरपीएफ (CRPF) के करीब 6 जवान घायल हो गए. इस घटनाक्रम में गंभीर रूप से घायल जवानों को श्री नारायणा अस्पातल (Shree Narayana Hospital) में भर्ती कराया गया है.
ये ब्लॉस्ट डेटोनेटर (Detonator) के फटने से हुआ. अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक ये डेटोनेटर एक बोगी से दूसरी बोगी में ले जाया जा रहा था. इसी दौरान अचानक हुए धमाके में कई जवान घायल हो गए. घायल जवानों का इलाज रायपुर के निजी अस्पताल में चल रहा है. इन जवानों की देखरेख कर रहे सर्जन ने बताया कि सभी जवानों के कमर, हाथ और पैर समेत सर में भी फ्रैक्चर आया है.

Ice Breaker missile: भारतीय नौसेना अब अपने बेड़े को और भी ज्यादा खतरनाक बनाने के लिए एक ऐसे मिसाइल सिस्टम पर विचार कर रही है, जो समंदर के बीचों-बीच दुश्मन के होश उड़ा देगा. खबर आ रही है कि भारतीय नौसेना अपने MH-60R सीहॉक हेलीकॉप्टरों को इजरायल की आधुनिक 'आइस ब्रेकर' मिसाइल से लैस करने की योजना बना रही है. खास बात यह है कि भारतीय वायुसेना पहले ही इस मिसाइल को अपनी ताकत में शामिल करने की मंजूरी दे चुकी है.

Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

Pakistani Leader Chief Guest in 1955 republic day: यह किस्सा है साल 1955 का. उस समय भारत ने पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. उस दौर में भारत अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को आकार दे रहा था. मलिक गुलाम मोहम्मद का भारत से पुराना जुड़ाव भी रहा था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी.










