
चेन्नई का साथ छोड़ देंगे रवींद्र जडेजा? सैमसन को लेकर क्या है धोनी की प्लानिंग... पूर्व क्रिकेटर ने उठाए सवाल
AajTak
चेन्नई सुपर किंग्स रवींद्र जडेजा और संजू सैमसन के बीच स्वैप डील पर विचार कर रही है. यह कदम टीम के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है क्योंकि CSK धोनी के बाद एक नए लीडर की तलाश में है. संजू सैमसन को शामिल करना टीम की बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग को मजबूत करेगा.
चेन्नई सुपर किंग्स आईपीएल के अगले सीजन में राजस्थान रॉयल्स के साथ रवींद्र जडेजा और संजू सैमसन के बीच एक डायरेक्ट स्वैप डील पर विचार कर रही है. यह सौदा अगर होता है तो आईपीएल ऑफ-सीजन की सबसे बड़ी खबरों में से एक साबित हो सकता है. चेन्नई, जो एमएस धोनी के करियर के बाद उनके लॉन्ग-टर्म सक्सेसर की तलाश में है, उसने संजू सैमसन को अपने आदर्श लक्ष्य के रूप में चिन्हित किया है. रिपोर्ट्स यह भी बताती हैं कि सैमसन खुद भी जयपुर-स्थित फ्रेंचाइज़ी से दूर जाने के इच्छुक हैं.
हालांकि, यह संभावित कदम CSK समर्थकों के लिए एक भावनात्मक प्रश्न उठाता है कि क्या फ्रेंचाइज़ी को वास्तव में अपने ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा से अलग होना चाहिए? जडेजा, जो धोनी के साथ टीम की सफलता के स्तंभों में से एक रहे हैं, को छोड़ना क्या उस टीम की परंपरा के खिलाफ नहीं होगा जो हमेशा अपने सीज़न्ड क्रिकेटर्स के प्रति वफादार रही है?
यह भी पढ़ें: एमएस धोनी ने कुछ यूं पूरी की फैन की ख्वाहिश, दिल जीत लेगा माही का ये VIDEO
पूर्व भारतीय घरेलू खिलाड़ी प्रियांक पांचाल ने X (पूर्व ट्विटर) पर अपनी राय दी और फ्रेंचाइज़ी को अपने सबसे बड़े मैच-विनर्स में से एक को छोड़ने से सावधान किया. उन्होंने जडेजा को एक ऐसा आइकन बताया जो चेन्नई सुपर किंग्स की आत्मा का प्रतिनिधित्व करते हैं.
उन्होंने कहा, 'जडेजा भाई को संजू के बदले ट्रेड करना CSK की सबसे बड़ी गलतियों में से एक हो सकता है. यह फ्रेंचाइज़ी जो अपने लीजेंड्स के प्रति वफादारी के लिए जानी जाती है, उसे किसी ऐसे खिलाड़ी को नहीं छोड़ना चाहिए जिसने इतने वर्षों तक टीम की सेवा की है, कई खिताब जिताए हैं और टीम का प्रतीक बन गया है.'
यह भी पढ़ें: आईपीएल चैम्पियन RCB ने 3 महीने बाद तोड़ी चुप्पी, ‘12th मैन आर्मी’ के नाम लिखा भावुक संदेश

टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने भारतीय टीम की सबसे बड़ी चुनौती को लेकर आगाह किया है. उनका मानना है कि ओस के कारण स्पिन और तेज गेंदबाजी के संतुलन को लेकर टीम मैनेजमेंट को मुश्किल फैसले लेने पड़ेंगे. कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती को एक साथ खिलाना या नहीं, यही भारत के लिए सबसे बड़ा सवाल होगा.












