
चीन में फिर कोरोना से हाहाकार, शंघाई में बंद होंगे स्कूल, क्रिसमस-न्यू ईयर बढ़ा सकते हैं टेंशन
AajTak
चीन में जीरो कोविड पॉलिसी खत्म होने के बाद कोरोना का तांडव शुरू हो चुका है. कोविड केसों में बढ़ोतरी को देखते हुए शंघाई की एजुकेशन अथॉरिटी ने सोमवार से स्कूलों को बंद करने का फैसला लिया है. वहीं, चीन के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के चीफ वू ज़ुन्यो के मुताबिक कोविड के खतरे को अनदेखा नहीं किया जा सका. उन्होंने कहा कि चीन की 10% से 30% आबादी के संक्रमित होने की आशंका है.
चीन में कोरोना संक्रमण एक बार फिर से हाहाकार मचा रहा है. कोविड-19 के बढ़ते केसों के बीच शंघाई में स्कूलों को बंद करने का फैसला लिया गया है. शंघाई की एजुकेशन अथॉरिटी की ओर से कहा गया है कि स्टूडेंट्स को अब घर से ही पढ़ाई करनी होगी, क्योंकि कोविड के चलते सोमवार से स्कूलों को बंद किया जा रहा है. इसके साथ ही किंडरगार्टन भी बंद रहेंगे. दरअसल, चीन की सरकार ने भारी विरोध प्रदर्शनों के बाद जीरो कोविड पॉलिसी को खत्म कर दिया था. इसके बाद देश में कोरोना का विस्फोट हो गया है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकारी आदेश में कहा गया है कि कोविड के बढ़ते केसों को ध्यान में रखते हुए अब सभी को बेहद सावधानी बरतनी होगी. क्योंकि राजधानी बीजिंग में संक्रमण बढ़ गया है, जहां कोविड के केस अब बड़े पैमाने पर सामने आ रहे हैं. यहां कई परिवार कोरोना संक्रमित पाए जा रहे हैं.
चीन के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के चीफ वू ज़ुन्यो के मुताबिक कोविड के खतरे को अनदेखा नहीं किया जा सका. उन्होंने कहा कि चीन की 10% से 30% आबादी के संक्रमित होने की आशंका है. उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में तीन अवसर ऐसे होंगे, जब कोविड का तेजी से प्रसार हो सकता है. इसमें क्रिसमस, न्यू ईयर और लूनर न्यू ईयर शामिल हैं.
वू ने कहा कि कोविड से देश को सावधान रहना होगा. आगामी दिनों में कोविड की लहर मुख्य रूप से शहरों को प्रभावित करेगी. उन्होंने कहा कि क्रिसमस, न्यू ईयर और लूनर न्यू ईयर पर कोविड के केस बेतहाशा बढ़ सकते हैं. क्योंकि इन दिनों देशभर में रहने वाले श्रमिक और अन्य लोग एक से दूसरी जगह जाते हैं. उन्होंने कहा कि फरवरी के अंत में भी कोविड के केस बढ़ सकते हैं.
दरअसल, शंघाई में अधिकारियों ने दिसंबर के महीने में 11 जिलों के हाई रिस्क वाले 24 स्थानों पर लगाए गए लॉकडाउन को भी खत्म कर दिया है.
अमेरिका स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ मेट्रिक्स एंड इवैल्यूएशन (IHME) के मुताबिक चीन द्वारा COVID-19 के कड़े प्रतिबंधों को अचानक खत्म करने से 2023 तक कोविड के मरीजों में अप्रत्याशित वृद्धि हो सकती है. इतना ही नहीं, कोविड से जान गंवाने वाला का ग्राफ भी बढ़ सकता है. आईएचएमई के मुताबिक चीन में 1 अप्रैल के आसपास कोविड के केस चरम पर हो सकते हैं. आईएचएमई के निदेशक क्रिस्टोफर मरे ने कहा कि तब तक चीन की लगभग एक तिहाई आबादी संक्रमित हो चुकी होगी.

जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने रविवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बिछी बारूदी सुरंगों को हटाने का प्रस्ताव रखा है. उन्होंने कहा है कि यदि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच सीजफायर हो जाता है तो जापान होर्मुज जलडमरूमध्य में बिछी समुद्री बारूदी सुरंगों (नेवल माइंस) को हटाने के लिए अपने अत्याधुनिक 'माइनस्वीपर' जहाज तैनात करेगा.

ईरान जंग से तेल $112 प्रति बैरल तक पहुंच रहा है. एयरलाइंस उड़ानें काट रही हैं. ट्रांसपोर्ट महंगा हो रहा है. जापान, दक्षिण कोरिया, बांग्लादेश में फ्यूल राशनिंग शुरू हो गई है. IEA का 10-पॉइंट प्लान आ गया है. दुनियाभर की सरकारें इसे एनर्जी सिक्योरिटी कहेंगी, लेकिन असर लॉकडाउन जैसा दिखना शुरू हो चुका है. इस बार चेतावनी भी नहीं मिलेगी.

जापान ने कहा है कि अगर इजरयाल-अमेरिका का ईरान के साथ जो युद्ध जल रहा है, उसपर अगर पूरी तरह से विराम लगता है तो वह होर्मुज के रास्ते से माइंस हटाने का सोचेगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो दिन पहले ही जापान के प्रधानमंत्री से मुलाक़ात की थी. इस मुलाक़ात के बाद जापान की ओर से यह बयान जारी किया गया है.

ईरान ने दक्षिण इजरायल के अराद और डिमोना में भीषण मिसाइल हमले किए है. इजरायली विदेश मंत्रालय के मुताबिक इस हमले में बच्चों समेत 100 से ज्यादा लोग घायल है. ईरान ने इन हमलों के लिए बैलिस्टिक मिसािलों का इस्तेमाल किया और डिमोनो शहर जहां इजरायल का सबसे बड़ा परमाणु संयंत्र के पास ये हमला हुआ, जो कि बड़ा चिंता का विषय है.









