
गजब! जंग में पिटा ईरान पाकिस्तान की तरह मना रहा जश्न, विजेता नेतन्याहू और ट्रंप सवालों में घिरे
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ईरान और पाकिस्तान दोनों देशों ने भारी सैन्य नुकसान के बावजूद अपने कथित जीत को प्रचारित किया. ईरान ने इजरायल के खिलाफ अपने मिसाइल हमलों को 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 3' के रूप में पेश किया जबकि पाकिस्तान ने अपने जवाबी हमलों को 'ऑपरेशन बुनियान-अल-मरसूस
तेहरान के इंकलाब चौक पर गजब की भीड़ है, बुर्कानशीं महिलाएं, पगड़ी पहने पुरुष, यहां तक कि अधेड़ भी सड़क पर निकल पड़े हैं. लोगों के हाथों में ईरान का परचम है, तो कुछ लोग सुप्रीम नेता अली खामेनेई की तस्वीर लिए हुए हुंकार भर रहे हैं. ईरानी जनता के मुताबिक ये हाल की जंग में दुश्मन इजरायल को सबक सिखाने का जश्न है.
कुछ लोग इजरायल और अमेरिका की तबाही की इच्छा जताते हुए उनके सर्वनाश का नारा लगाते हैं और जोशीली भीड़ एक साथ इस नारे को दोहराती है. तेहरान जैसी ये भीड़ ईरान के कई और शहरों में देखने को मिल रही है. इन दिनों पूरा ईरान इजरायल पर कथित जीत के उत्सव में डूबा है.
तेहरान के इंकलाब स्क्वायर में मनाया गया ये विजय उत्सव ठीक वैसा ही लगता है जैसा कि पाकिस्तान का वो जश्न था जो ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के हाथों बुरी तरह से पराजित होने के बाद हमारे पड़ोसी मुल्क ने मनाया था. भारत पाकिस्तान की हालिया जंग में 10 मई को सीजफायर हुआ था. 11 मई को पाकिस्तान ने यौम-ए-तशक्कुर (धन्यवाद दिवस) मनाया.
पाकिस्तान जैसा ही रहा ईरान का जश्न
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में नौ ठिकानों पर हमला किया था. भारत ने पाकिस्तान में स्थित आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया. भारत ने पाकिस्तान के एयर स्पेस को छिन्न भिन्न कर दिया और जहां चाहा वहां पर हमला किया. पाकिस्तान के 10 से 11 एयरबेस को भारत ने जोरदार नुकसान पहुंचाया. इस ऑपरेशन में आतंकी समेत पाकिस्तान के 160 लोग मारे गए.
इसके बावजूद घरेलू मोर्चे पर पाकिस्तान ने इस जंग में अपनी जीत घोषित की और जश्न मनाया.

ऑपरेशन सिंदूर के महज चार दिन बाद 14 मई 2025 को शाम 4:59 बजे पाकिस्तान ने अमेरिका के साथ अपने संबंधों को रीसेट करने की कोशिश की थी, जिसमें वह काफी हद तक कामयाब भी रहा. पाकिस्तान की इस कोशिश का एक महत्वपूर्ण हिस्सा पूर्व अमेरिकी राजदूत पॉल डब्ल्यू. जोन्स की ओर से विदेश विभाग को भेजा गया एक खास ईमेल था. इस ईमेल के जरिए पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसीम मुनीर की आगामी वाशिंगटन यात्रा के एजेंडे और रणनीतिक बिंदुओं पर चर्चा की थी.

अमेरिका ने ईरान पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाकर एक बड़ा आर्थिक हमला किया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इस नई नीति का असर भारत समेत करीब 147 देशों पर पड़ेगा जो ईरान के साथ व्यापार करते हैं. ईरान तेल और गैस समेत कई उत्पादों का बड़ा निर्यातक है और ओपेक देश भी है. भारत और ईरान के बीच व्यापार पिछले पांच सालों में 84 प्रतिशत तक गिर चुका है. भारत मुख्य रूप से ईरान को बासमती चावल, चाय, चीनी, दवाइयां और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण निर्यात करता है, जबकि ईरान से सूखे मेवे और केमिकल्स आयात करता है.

मुस्लिम ब्रदरहुड पर ट्रंप सरकार की बड़ी कार्रवाई, मिडिल ईस्ट में एक्टिव 3 ब्रांच को घोषित किया आतंकी
अमेरिका ने मुस्लिम ब्रदरहुड के लेबनान, जॉर्डन और मिस्र के गुटों को आतंकी संगठन घोषित किया है. लेबनानी गुट को विदेशी आतंकी संगठन की सूची में डाला गया है जबकि जॉर्डन और मिस्र के गुटों पर हमास को समर्थन देने का आरोप है. यह फैसला ट्रंप प्रशासन के कार्यकारी आदेश के तहत लिया गया है.

राजदूतों को तलब करने का ये कदम ऐसे समय में आया है जब ईरान के कुछ हिस्सों में विरोध प्रदर्शन कई दिनों से जारी हैं. बता दें कि पिछले हफ्तों में विदेशों के कई देशों ने प्रदर्शनकारियों के लिए सकारात्मक बयान दिए थे, जिससे तेहरान प्रशासन नाराज चल रहा है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने जारी बयान में कहा कि हम शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट का समर्थन करते हैं, लेकिन हिंसा, तोड़फोड़ और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने को नहीं.









