
खून से लिखी गई एक दोस्ती की दास्तान... जब वेस्टइंडीज के कप्तान ने भारतीय कप्तान की बचाई जान
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सर फ्रैंक वॉरेल- कैरेबियाई क्रिकेट के महानायक और पहले नियमित अश्वेत कप्तान. उन्होंने न सिर्फ बल्ले से कमाल किया, बल्कि इंसानियत की मिसाल भी कायम की. वॉरेल आज ही के दिन (1 अगस्त) 1924 में पैदा हुए थे.
क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं होता, ये रिश्तों, परंपराओं और इंसानियत की बुनियाद पर भी खड़ा होता है. इसी खेल की एक सबसे मार्मिक कहानी जुड़ी है वेस्टइंडीज के महान क्रिकेटर और पहले नियमित अश्वेत कप्तान सर फ्रैंक वॉरेल से, जिन्होंने एक भारतीय खिलाड़ी की जान बचाने के लिए अपने खून का दान दिया.
'थ्री डब्ल्यू' (Three Ws') के नाम से विख्यात 'तिकड़ी' में शामिल रहे कैरेबियाई दिग्गज सर फ्रैंक वॉरेल, सर क्लाइव वाल्कॉट और सर एवर्टन वीक्स ने पचास के दशक में विश्व क्रिकेट का सबसे मजबूत बल्लेबाजी क्रम तैयार किया था. वीक्स, वाल्कॉट और वॉरेल का जन्म बारबाडोस में अगस्त 1924 से लेकर जनवरी 1926 तक 18 महीनों के अंदर हुआ था. इन तीनों ने 1948 में तीन सप्ताह के अंदर टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था. आज तीनों इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन कैरेबियाई क्रिकेट को ऊंचाइयां देने में इस तिकड़ी के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता.
फ्रैंक वॉरेल का जन्मदिन- विंडीज के पहले नियमित अश्वेत कप्तान
फ्रैंक वॉरेल आज ही के दिन (1 अगस्त) 1924 में पैदा हुए थे. 1960 से 1963 के दौरान 15 टेस्ट मैचों की अगुवाई करने वाले वॉरेल वेस्टइंडीज के पहले नियमित अश्वेत कप्तान थे. हां, 1948 में एक टेस्ट के लिए 'ब्लैक ब्रैडमैन' के नाम से मशहूर रहे जॉर्ड हैडली को वेस्टइंडीज की कप्तानी मिली थी. 1960 से पहले तक वहां गोरों की ही चलती थी. वॉरेल ने न सिर्फ कप्तानी की बागडोर संभाली, बल्कि एकजुटता, सौहार्द और अनुशासन का ऐसा उदाहरण पेश किया, जिसे आज भी याद किया जाता है.
विरोधी टीमों से लेकर अपने देश के खिलाड़ियों ने फ्रैंक वॉरेल के खेल और कप्तानी की खूब सराहना की. एक क्रिकेटर की जिंदगी मैदान तक ही सीमित नहीं रहती है, वो देश और समाज के लिए भी बहुत कुछ कर सकता है. उनका यही उद्देश्य था. उन्होंने कुछ ऐसा किया, जिसे आज भी मिसाल के तौर पर पेश किया जाता है. 1962 में भारतीय टीम के तत्कालीन कप्तान नारी कॉन्ट्रैक्टर की जान बचाने में उनकी पहल को हमेशा याद किया जाएगा.
1962 की वो घटना: जब एक बाउंसर ने हिला दिया क्रिकेट जगत को

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