
‘क्रिकेट से मस्ती नहीं...’, सुनील गावस्कर ने गौतम गंभीर-सूर्यकुमार यादव को एशिया कप फाइनल से पहले चेताया
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भारत ने एशिया कप टी20 2025 में बांग्लादेश को हराकर फाइनल में जगह बना ली. अभिषेक शर्मा ने 37 गेंदों पर 75 रन बनाए, लेकिन बल्लेबाजी क्रम में लगातार फेरबदल से टीम संघर्ष करती रही और 168/6 तक ही पहुंच पाई. शिवम दुबे को नंबर 3 और संजू सैमसन को नंबर 8 पर भेजने के फैसले पर सुनील गावस्कर ने कोच गौतम गंभीर और कप्तान सूर्यकुमार यादव को चेताया- 'क्रिकेट से मस्ती नहीं.'
टीम इंडिया ने एशिया कप टी20 के फाइनल में जगह बना ली है. भारतीय टीम ने टूर्नामेंट में लगातार 5वीं जीत दर्ज करते हुए बांग्लादेश को 41 रनों से हराया. हालांकि मैच से पहले बल्लेबाजों की गलतियों ने चिंता बढ़ा दी. अब तक चमकते रहे बल्लेबाजी क्रम में उलटफेर का खामियाजा इस मैच में साफ दिखाई दिया.
ओपनर अभिषेक शर्मा ने 37 गेंदों में तूफानी 75 रन ठोके, लेकिन उनके आउट होते ही (12वें ओवर की पहली गेंद पर) भारत का स्कोर 112/3 हो गया. इसके बाद बल्लेबाजों ने रफ्तार खो दी और अंत तक संघर्ष करते हुए भारत 168/6 तक ही पहुंच सका.
इस मैच में शिवम दुबे को अप्रत्याशित रूप से नं. 3 पर भेजा गया, तिलक वर्मा को नं. 6 पर उतारा गया और संजू सैमसन को तो बल्लेबाजी का मौका ही नहीं मिला क्योंकि उन्हें नं. 8 पर रखा गया था.
इसी बदलाव पर महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने कड़ी नाराजगी जताई और मुख्य कोच गौतम गंभीर तथा कप्तान सूर्यकुमार यादव को चेतावनी देते हुए कहा- 'क्रिकेट से मस्ती नहीं की जाती.'
गावस्कर ने 'आजतक' से कहा. 'क्रिकेट मस्ती के लिए नहीं होता. जिस तरह बल्लेबाजी क्रम में उलटफेर किया गया, वह नहीं होना चाहिए था. 168 रन पर्याप्त नहीं थे. बांग्लादेश भले ही लक्ष्य का पीछा न कर पाया, लेकिन कोई मजबूत टीम इसे भारत के लिए समस्या बना सकती थी.'
गावस्कर ने कहा कि टीम में संजू सैमसन की भूमिका को लेकर स्पष्टता नहीं है. उनका मानना है कि शिवम दुबे को टॉप ऑर्डर में भेजना सही कदम नहीं था और जरूरत से ज्यादा प्रयोग करने से बचना चाहिए.

टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने भारतीय टीम की सबसे बड़ी चुनौती को लेकर आगाह किया है. उनका मानना है कि ओस के कारण स्पिन और तेज गेंदबाजी के संतुलन को लेकर टीम मैनेजमेंट को मुश्किल फैसले लेने पड़ेंगे. कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती को एक साथ खिलाना या नहीं, यही भारत के लिए सबसे बड़ा सवाल होगा.












