
क्या राकेश टिकैत का काउंटडाउन 10 मार्च से शुरू हो गया था? BKU में बगावत की इनसाइड स्टोरी
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चौधरी महेन्द्र सिंह टिकैत की 11वीं पुण्य तिथि पर रविवार को लखनऊ में भारतीय किसान यूनियन की बैठक में टिकैत बंधुओं को बड़ा झटका लगा है. राकेश टिकैत का यूपी चुनाव में बीजेपी और योगी सरकार के खिलाफ खुलकर मोर्चा खेलने का दांव उल्टा पड़ गया है. भारतीय किसान यूनियन में दो फाड़ हो गए हैं. राजेंद्र सिंह मलिक और राजेश सिंह चौहान ने मिलकर भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक संगठन का गठन किया है.
किसान नेता चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि पर 'टिकैत बंधुओं' के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन में आखिरकार बगावत हो ही गई और किसान यूनियन के दो फाड़ हो गए. गठवाला खाप के चौधरी राजेंद्र सिंह मलिक के संरक्षण और राजेश सिंह चौहान के नेतृत्व में भारतीय किसान यूनियन से अलग भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) नाम से नया संगठन बनाया गया है. इस तरह किसान आंदोलन का अहम चेहरा रहे राकेश टिकैत और नरेश टिकैत किसान यूनियन में अलग-थलग पड़ गए हैं.
हालांकि, भारतीय किसान यूनियन से टिकैत बंधुओं को ठिकाने लगाने की पटकथा तो 10 मार्च को यूपी चुनाव नतीजे आने के साथ ही लिख दी गई थी. राकेश टिकैत और किसान यूनियन से बगावत कर जिन लोगों ने अलग भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक संगठन बनाया है, ये तमाम वो लोग हैं, जिनकी बीजेपी से नजदीकियां भी जगजाहिर हैं.
गठवाला खाप के चौधरी राजेंद्र सिंह मलिक जिन्हें संगठन का संरक्षक बनाया गया है, वो बीजेपी और योगी सरकार के हर कदम पर साथ खड़े नजर आते हैं तो धर्मेंद्र मलिक योगी सरकार में कृषि समृद्ध आयोग के सदस्य रह चुके हैं. ऐसे में किसान यूनियन से राकेश टिकैत को देर-सवेर ठिकाने लगना तय माना जा रहा था.
लखनऊ में किया गया नए संगठन का गठन भारतीय किसान यूनियन में एक और फाड़ होने से टिकैत बंधुओं को बड़ा झटका लगा है. राजेंद्र सिंह मलिक की अध्यक्षता और किसान नेता अनिल तालान के संचालन के बीच रविवार को लखनऊ में भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक का गठन किया गया, जिसका अध्यक्ष राजेश सिंह चौहान को बनाया गया. इसके अलावा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मांगेराम त्यागी, राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक, युवा प्रदेश अध्यक्ष चौधरी दिगंबर और प्रदेश अध्यक्ष हरिनाम सिंह वर्मा बनाए गए हैं. ये सभी सदस्य मूल भारतीय किसान यूनियन में किसी न किसी अहम पद पर थे, जिन्होंने टिकैट बंधुओं के खिलाफ बागी रुख अपनाया.
'टिकैट बंधु राजनीति से प्रेरित'
अध्यक्ष बने राजेश चौहान ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन अपने किसानों के मूल मुद्दों से भटक गई और अब राजनीति करने लगी है. राकेश टिकैत और नरेश टिकैत राजनीति से प्रेरित हैं. इसीलिए भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक बनाने की आवश्यकता महसूस हुई. हम किसी सियासी दल से नहीं जुड़ेंगे और यह संगठन केवल किसान हित में काम करेगा. हम महेंद्र सिंह टिकैत के मार्ग पर चलने वाले हैं, हम अपने सिद्धांतों के विपरीत नहीं जाएंगे.

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