
क्या कार के Driving Licence पर चला सकते हैं ट्रैक्टर? सुप्रीम कोर्ट करेगा फैसला
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साल 2017 में, सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि लाइट मोटर व्हीकल (LMV) चलाने का ड्राइविंग लाइसेंस (DL) रखने वाला कोई भी व्यक्ति रोड-रोलर, ट्रैक्टर और "परिवहन वाहन" (जैसे माल वाहक या स्कूल/कॉलेज बसें) भी चला सकता है, बशर्ते वाहन का वजन 7,500 किलोग्राम (बिना किसी अन्य भार के) से ज्यादा न हो.
क्या आप लाइट मोटर व्हीकल (LMV) के ड्राइविंग लाइसेंस पर ट्रैक्टर चला सकते हैं? तकरीबन 7 साल पहले सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर आपके पास LMV ड्राइविंग लाइसेंस है, आप इसका इस्तेमाल ट्रैक्टर या रोड रोलर चलाने के लिए कर सकते हैं. बशर्ते वाहन का वजन 7,500 किग्रा से अधिक न हो. लेकिन अब कोर्ट उस फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर अपना फैसला सुनाने वाली है. इसके बाद यह तय किया जा सकेगा कि, हल्के मोटर वाहन (LMV) का ड्राइविंग लाइसेंस रखने वाला व्यक्ति ट्रैक्टर जैसे वाहन को चला सकता है या नहीं. बता दें कि, उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को इस कानूनी प्रश्न "क्या हल्के मोटर वाहन (LMV) का ड्राइविंग लाइसेंस रखने वाला व्यक्ति 7,500 किलोग्राम से अधिक भार वाले वाहन को चलाने का भी हकदार है?." पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया. दरअसल, इस कानूनी सवाल ने LMV लाइसेंसधारकों के परिवहन वाहनों से संबंधित दुर्घटना मामलों में बीमा कंपनियों द्वारा दावों के भुगतान को लेकर विभिन्न विवादों को जन्म दिया है. 21 अगस्त को भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) डी. वाई. चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली बेंच ने संकेत दिया कि वह चुनौती से उत्पन्न होने वाले प्रश्नों पर सरकार के विचार प्रस्तुत करने का इंतजार नहीं करेगी. यानी वो जल्द से जल्द इस पर फैसला ले सकती है.
नौ महीने पहले, 22 नवंबर, 2023 को, केंद्र ने अदालत को सूचित किया था कि वह मोटर वाहन अधिनियम, 1988 (MVA) की धारा 2(21) और 10 का मूल्यांकन करेगा और संशोधन की सिफारिश करेगा. जो "हल्के मोटर वाहन" (LMV) की परिभाषा और "ड्राइविंग लाइसेंस के प्रारूप से संबंधित है. लेकिन तब से सरकार ने अदालत से कोई संपर्क नहीं किया गया है.
क्या है मामला और कब हुआ शुरू:
इस मामले को समझने के लिए आपको थोड़ा पीछे जाना होगा. साल 2017 में, सुप्रीम कोर्ट को यह तय करना था कि, क्या LMV के लिए ड्राइविंग लाइसेंस रखने वाले व्यक्ति को ट्रांसपोर्ट वाहन चलाने के लिए अलग से लाइसेंस प्राप्त करना जरूरी है. उस वक्त अदालत ने कहा था कि हल्के वाहन चलाने का लाइसेंस रखने वाला कोई भी व्यक्ति रोड-रोलर, ट्रैक्टर और "परिवहन वाहन" (जैसे माल वाहक या स्कूल/कॉलेज बसें) भी चला सकता है, बशर्ते वाहन का वजन 7,500 किलोग्राम (बिना किसी अन्य भार के) से ज्यादा न हो. यहां कोर्ट ने 'Unladen' (बिना लदे) शब्द का प्रयोग किया था. बिना लदे वजन का मतलब है केवल वाहन का वह वजन जिसमें चालक, यात्री या कोई अन्य भार शामिल न हो.
क्या कहता है मोटर व्हीकल एक्ट:
मोटर वाहन अधिनियम (MVA) की धारा 10 के तहत, प्रत्येक ड्राइविंग लाइसेंस में वाहनों की कैटेगरी की पहचान होनी चाहिए जिन्हें लाइसेंस धारक को चलाने की अनुमति है. यानी आपके लाइसेंस पर यह स्पष्ट तौर लिखा होना चाहिए कि आपको किस तरह के वाहन चलाने की अनुमति है. यह धारा 'हल्के मोटर वाहन' (LMV) और 'परिवहन वाहन' को दो अलग-अलग श्रेणियों में बांटती है. वहीं MVA सेक्शन 2(21) के तहत, LMV को एक परिवहन वाहन या बस के रूप में परिभाषित किया गया है, जिसका कुल वजन 7500 किलोग्राम से अधिक नहीं हो.

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