
कोविड-19 महामारी के संकट की घड़ी में उद्धारक के रूप में सामने आया ZEE मीडिया
Zee News
अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) के तहत, पुनीत गोयनका के नेतृत्व वाले इस समूह ने देश भर में 200 से ज्यादा एम्बुलेंस, 40,000 व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण किट दान किए. संकट में फंसे लोगों को खाना और वित्तीय सहायता की .
नई दिल्लीः जिस वक्त भारत कोविड-19 महामारी की विनाशकारी दूसरी लहर से जूझ रहा था, उस वक्त देश के अग्रणी मीडिया कंपनी जी एंटरटेंमेंट प्राइवेट इंटरप्राइजेज लिमिटेड (Zee Entertainment Enterprises Ltd) (ZEEL) देश के लिए एक आशा की किरण के रूप में सामने आया. कोविड महामारी के वक्त जब भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली चरमराने के कगार पर थी, क्योंकि आधे राज्यों के अस्पतालों में बेड नहीं थे, ऑक्सीजन सिलेंडर और वेंटिलेटर की कमी से जूझ रहे थे, उस संकट की घड़ी में जी मीडिया एक उद्धारक के तौर पर सामने आया. अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) के तहत, पुनीत गोयनका के नेतृत्व वाले इस समूह ने देश भर में 200 से ज्यादा एम्बुलेंस, 40,000 व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण किट दान किए. विशेष रूप से, जी मीडिया ने देश के स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे को बेहतर करने के लिए राष्ट्रीय स्तर के सीएसआर अभियान की घोषणा की थी. अपनी नीति के मुताबिक, कंपनी ने राज्य सरकारों और स्थानीय शासी निकायों का इस संकट के वक्त मदद करने का फैसला लिया था.
राज्य के स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए की मदद कोविड-19 से लड़ने के लिए राजस्थान सरकार को 20 एम्बुलेंस, 4000 पीपीई किट कंपनी ने दान दिए. कोविड के प्रकोप से लड़ने में मदद करने के लिए, मीडिया संगठन ने राजस्थान सरकार को 20 एम्बुलेंस और 4000 व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) किट प्रदान किए थे. एंबुलेंस को राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पिछले साल अपने आवास से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था. सीएम गहलोत ने योगदान के लिए जी मीडिया का आभार जताया था. इसके अलावा, इसने बृहद मुंबई नगर निगम (बीएमसी) को 46 एम्बुलेंस और 50 हाई फ्लो हीटेड रेस्पिरेटरी ह्यूमिडिफायर भी दान किए थे. उस वक्त कोविड के प्रकोप से महाराष्ट्र सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य थात्र.
