
कोरोना से जंग में मदद के लिए भारत ने US का जताया आभार, विदेश मंत्री ब्लिंकन से मिले S Jaishankar
Zee News
अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने बयान में कहा कि मुलाकात के दौरान टीकाकरण क्षमताओं को विस्तार देने में वैश्विक स्तर पर गठजोड़ के तरीकों पर चर्चा हुई. ब्लिंकन ने संक्षिप्त टिप्पणी करते हुए कोविड-19 (Covid-19) संकट के दौरान अमेरिका (US) के लिए भारत के सहयोग का जिक्र किया.
लंदन: भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर (S. Jaishankar) महत्वपूर्ण विदेश दौरे पर हैं. ब्रिटेन में मौजूद जयशंकर ने अपने अमेरिकी समकक्ष एंटनी ब्लिंकन (Antony Blinken) के साथ आमने-सामने की मुलाकात कर अपने चार दिवसीय दौरे की शुरुआत की है. जयशंकर ने कोविड-19 ( Covid-19) से निपटने में भारत का सहयोग करने के लिए ब्लिंकन का धन्यवाद दिया. Good to meet in person my old friend . Detailed discussion on the global Covid challenge, focussing on expanded vaccine production capacity and reliable supply chains. जयशंकर ने ट्वीट किया कि मंगलवार से शुरू हो रहे जी7 (G-7) देशों के विदेश एवं विकास मंत्रियों के शिखर सम्मेलन से पहले हमारे बीच हिंद-प्रशांत क्षेत्र, जलवायु परिवर्तन, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और म्यांमार संबंधी अहम मुद्दों पर चर्चा हुई. — Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar)
Ice Breaker missile: भारतीय नौसेना अब अपने बेड़े को और भी ज्यादा खतरनाक बनाने के लिए एक ऐसे मिसाइल सिस्टम पर विचार कर रही है, जो समंदर के बीचों-बीच दुश्मन के होश उड़ा देगा. खबर आ रही है कि भारतीय नौसेना अपने MH-60R सीहॉक हेलीकॉप्टरों को इजरायल की आधुनिक 'आइस ब्रेकर' मिसाइल से लैस करने की योजना बना रही है. खास बात यह है कि भारतीय वायुसेना पहले ही इस मिसाइल को अपनी ताकत में शामिल करने की मंजूरी दे चुकी है.

Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

Pakistani Leader Chief Guest in 1955 republic day: यह किस्सा है साल 1955 का. उस समय भारत ने पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. उस दौर में भारत अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को आकार दे रहा था. मलिक गुलाम मोहम्मद का भारत से पुराना जुड़ाव भी रहा था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी.










