
कश्मीर पर भारत ने मुस्लिम देशों को दिया कड़ा संदेश
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जम्मू-कश्मीर विवाद पर भारत का रुख बहुत साफ रहा है कि यह एक द्विपक्षीय मुद्दा है और इसे इसी तरह से सुलझाया जाना चाहिए. भारत किसी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप की अनुमति नहीं देगा.
भारत ने जम्मू-कश्मीर के मसले पर इस्लामिक देशों को पाकिस्तान के प्रचार तंत्र में फंसने से आगाह किया है. सऊदी अरब में भारतीय राजदूत की इस्लामिक देशों के संगठन (ओआईसी) के महासचिव से मुलाकात के दौरान कश्मीर के मुद्दे पर चर्चा की रिपोर्ट के बीच भारत ने कहा कि इस्लामिक देशों को 'निहित स्वार्थों' से सतर्क रहने की जरूरत है. (फोटो-PTI) पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने गुरुवार को कहा, 'हमने बैठक को लेकर ओआईसी की तरफ से जारी बयान को देखा है. ओआईसी के महासचिव के अनुरोध पर ही सऊदी अरब में तैनात भारतीय राजदूत ने 5 जुलाई को उनसे मुलाकात की थी. बैठक के दौरान विभिन्न मसलों पर व्यापक चर्चा की गई.' (फोटो-PTI) India's response to OIC Secretary General meeting Indian envoy to Saudi Arabia @drausaf and discussing #Kashmir. "Our ambassador conveyed the need to correct some of the misperceptions about India that are perpetrated by vested interests (Pakistan) in the OIC."@MEAIndia@OIC_OCI pic.twitter.com/5prH6HO2JY
ट्रंप ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे यूरोप से प्यार है लेकिन वह सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है. दुनिया हमें फॉलो कर बर्बादी के रास्ते से बच सकती है. मैंने कई मुल्कों को बर्बाद होते देखा है. यूरोप में मास माइग्रेशन हो रहा है. अभी वो समझ नहीं रहे हैं कि इसके क्या-क्या दुष्प्रभाव हो सकते हैं. यूरोपीयन यूनियन को मेरी सरकार से सीखना चाहिए.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्विट्जरलैंड के दावोस में ग्रीनलैंड को लेकर बड़ा प्रस्ताव रखा है. उन्होंने साफ कहा है कि अगर ग्रीनलैंड अमेरिका को नहीं दिया गया तो वे यूरोप के आठ बड़े देशों पर टैरिफ लगाएं जाएंगे. इस स्थिति ने यूरोप और डेनमार्क को ट्रंप के खिलाफ खड़ा कर दिया है. यूरोप और डेनमार्क ने स्पष्ट कर दिया है कि वे ट्रंप के इस ब्लैकमेल को बर्दाश्त नहीं करेंगे.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विमान को एक तकनीकी खराबी की वजह से वापस वाशिंगटन लौट आया. विमान को ज्वाइंट बेस एंड्रयूज में सुरक्षित उतारा गया. ट्रंप के एयर फोर्स वन विमान में तकनीकि खराबी की वजह से ऐसा करना पड़ा. विमान के चालक दल ने उड़ान भरने के तुरंत बाद उसमें एक मामूली बिजली खराबी की पहचान की थी. राष्ट्रपति ट्रंप वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम की बैठक में शिरकत करने के लिए स्विट्ज़रलैंड के दावोस जा रहे थे.

ग्रीनलैंड में आजादी की मांग दशकों से चल रही है. फिलहाल यह द्वीप देश डेनमार्क के अधीन अर्ध स्वायत्त तरीके से काम करता है. मतलब घरेलू मामलों को ग्रीनलैंडर्स देखते हैं, लेकिन फॉरेन पॉलिसी और रक्षा विभाग डेनमार्क सरकार के पास हैं. अब कयास लग रहे हैं कि डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जे की जिद के बीच वहां अलगाववाद को और हवा मिलेगी.

स्विटजरलैंड के दावोस में चल रहे WEF की बैठक में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने ट्रंप को बताया कि अमेरिका जैसी शक्ति को क्यों कानून आधारित वर्ल्ड ऑर्डर का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में बहुपक्षवाद के बिखरने का डर सता रहा है. मैक्रों ने कहा कि दुनिया में जोर जबरदस्ती के बजाय सम्मान और नियम-आधारित व्यवस्था को प्राथमिकता देने की जरूरत है.

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के दावोस भाषण ने उस धारणा को तोड़ दिया कि वेस्टर्न ऑर्डर निष्पक्ष और नियमों पर चलने वाली है. कार्नी ने साफ इशारा किया कि अमेरिका अब वैश्विक व्यवस्था को संभालने वाली नहीं, बल्कि उसे बिगाड़ने वाली ताकत बन चुका है. ट्रंप के टैरिफ, धमकियों और दबाव की राजनीति के बीच मझोले देशों को उन्होंने सीधा संदेश दिया है- खुद को बदलो, नहीं तो बर्बाद हो जाओगे.







