
ओल्ड राजेंद्र नगर बेसमेंट केस: राउ IAS पर चला बुलडोजर, फॉरेंसिक जांच के लिए ले गए गेट
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ओल्ड राजेंद्र नगर बेसमेंट मामले में राउ आईएएस में बुुलडोजर की कार्रवाई की गई. यहां से कोचिंग का मेन गेट फॉरेसिंक जांच के लिए ले जाया जा रहा है ताकि बेसमेंट में पानी घुसने की वजह का पता लगाया जा सके.
राऊ आईएएस पर बुधवार को बुलडोजर की कार्रवाई की गई. गेट के हिस्से को हटाने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल किया जा रहा है. राऊ कोचिंग के गेट की खराबी का कारण जानने के लिए उसे फोरेंसिक जांच के लिए ले जाया जा रहा है. बता दें कि दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर में हुए हादसे के बाद छात्रों के बीच फैला आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है.
राउ आईएएस कोचिंग के बेसमेंट में पानी भरने से तीन बच्चों की मौत पर सभी प्रशासन से गुस्साए हुए हैं. इस बीच बुधवार को ही बीजेपी की पूर्व सांसद और अभिनेत्री जया प्रदा ओल्ड राजेंद्र नगर में प्रोटेस्ट कर रहे बच्चों के बीच पहुंची और उनसे बातचीत की लेकिन वहां मौजूद छात्रों को जया प्रदा की हमदर्दी पसंद नहीं आई. जब जयप्रदा ने छात्रों से बातचीत की तो जवाब में उनको मिला कि यहां आकर वह राजनीति न करें.
क्या था पूरा मामला
दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर में कल शाम (27 जुलाई) एक दर्दनाक हादसा हुआ था. यहां स्थित RAU's IAS Study Circle के बेसमेंट में पानी भरने से दो छात्राओं और एक छात्र की मौत हो गई थी. दरअसल, कोचिंग सेंटर की लाइब्रेरी बिल्डिंग के बेसमेंट में बनी थी, जहां सिविल सर्विस की तैयारी करने वाले छात्र पढ़ाई कर रहे थे. भारी बारिश के चलते कोचिंग सेंटर के सामने मुख्य रोड पर पानी भर गया था. शाम 6:30 बजे के करीब सड़क पर भरा पानी अचानक RAU's IAS कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में भरने लगा.
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जिस समय बेसमेंट में पानी घुसा उस वक्त वहां 35 छात्र-छात्राएं मौजूद थे. पहले तो कोचिंग सेंटर के कर्मियों और वहां मौजूद छात्र-छात्राओं ने खुद ही बेसमेंट में फंसे लोगों को बचाने के प्रयास किए. ज्यादातर तो बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन कुछ अंदर ही फंस गए थे. पानी तेजी से भरने के कारण पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई. करीब 30 मिनट बाद रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची, तब तक कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पूरी तरह पानी भर चुका था.

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