
'ऑफिस में दिखाना पड़ता है बीमार हो या नहीं...' एयर होस्टेस ने बताया- क्या होता है फ्लाइट रोस्टर सिस्टम?
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पिछले कुछ दिनों में इंडिगो ने DGCA के नए FDTL नियमों की वजह से 1000 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द कर दीं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी हुई. ये नियम पायलट और क्रू के काम और आराम के समय को लेकर सख्त बनाए गए थे. जैसे हर हफ्ते 48 घंटे का अनिवार्य आराम, रात की ड्यूटी की नई सीमा और रात में की जाने वाली लैंडिंग की संख्या कम करना.
पिछले कुछ दिनों में इंडिगो की 1000 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द हो गईं. इसके बाद काफी यात्रियों को मुश्किल का सामना करना पड़ा. इंडिगो की ओर से बड़ी संख्या में फ्लाइट्स रद्द किए जाने के पीछे का कारण था डीजीसीए के FDTL नियम. यह सिर्फ फ्लाइट्स के रद्द होने या नियम बदलने भर की नहीं है, यह उस दुनिया की झलक है, जहां आसमान में मुस्कुराती दिखने वाली एयर होस्टेस और पायलट असल में कितनी कड़ी मेहनत और तनाव से गुजरते हैं. इंडिगो की 1000 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द होने के बाद, सबकी नजरें DGCA के नए FDTL नियमों पर टिक गईं, लेकिन ये जानना जरूरी है कि आखिर इन बदले हुए नियमों ने केबिन क्रू की असली लाइफ में क्या फर्क डाला?
क्रू के काम और आराम पर बड़ा असर पड़ा या सिर्फ चर्चा हुई? हमने एक एयर होस्टेस से बात की, जिन्होंने साफ बताया कि उनका शेड्यूल इतना हैक्टिक होता था कि नींद पूरी करना भी मुश्किल हो जाता था. छुट्टियां मिलना भी किस्मत पर निर्भर था. इसी वजह से DGCA के नए नियम उनके लिए किसी राहत की तरह लगे. सबसे पहले आपको बता दें कि डीजीसीए ने FDTL से जुड़े नियमों में सख्ती कर दी थी, जिसके बाद एयरलाइंस के पास स्टाफ की कमी थी. हालांकि, बड़ी संख्या में फ्लाइट्स रद्द होने के बाद डीजीसीए ने इन नियमों को वापस ले लिया है. अब सवाल ये है कि आखिर क्या इन नियमों के आने के बाद से सही में पायलट और क्रू मेंबर्स की शिफ्ट और काम करने के बदलाव हुआ था?
क्या हैं DGCA के नए नियम? पहले आपको बता देते हैं कि DGCA के नए नियम क्या थे. केबिन क्रू ने बताया कि एयरलाइन को रोस्टर बनाने के लिए FDTL के नियमों का पालन करना होता है. एफडीटीएल यानी फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट - इससे तय होता है कि कोई पायलट या क्रू मेंबर अधिकतम कितनी देर तक ड्यूटी कर सकता है. FDTL नियमों को दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद, डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने अपडेट कर दिया था.
ये नियम हर हफ्ते आराम का समय बढ़ाकर 48 घंटे करता है. रात की ड्यूटी के घंटे बढ़ाता है और हफ्ते रात में छह के बजाय दो बार लैंडिंग करने की अनुमति देता है. यानी एक पायलट रात 12 बजे से सुबह 6 बजे के बीच कितनी लैंडिंग कर सकता है, इसकी लिमिट तय करता है. हालांकि, अभी इन्हें वापस ले लिया गया है.
नए नियमों से कितना कुछ बदला? एयर होस्टेस ने बताया कि इससे बदला ये है कि पहले आराम का समय 36 घंटे तक सीमित था, जिसे अब बढ़ाकर 48 घंटे कर दिया गया है. इससे पायलट्स की नींद का इश्यू थोड़ा कम हो रहा है.
क्या पहले काफी ज्यादा व्यस्त शेड्यूल रहता था? एयर होस्टेस ने बताया कि ये काफी आम था. सबसे ज्यादा मुश्किल तो डेह हेडिंग और फ्लाइट्स के बीच का इंतजार करना एक अहम कारण था.

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