
एयरक्राफ्ट के साथ भागे 143 अफगान पायलट ताजिकिस्तान में फंसे, अब अमेरिका से मांगी मदद
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तालिबान का कब्जा होने के बाद अफगानिस्तान से भागे कई पायलट अब ताजिकिस्तान में फंस गए हैं. सभी पायलट ने अब अमेरिका से गुहार लगाई है कि बाकी सैनिकों की तरह उन्हें भी वीजा मिल जाए.
अफगानिस्तान में तालिबान जब कब्जा कर रहा था, तब बड़ी संख्या में अफगानी सेना के जवान वहां से भागने की कोशिश कर रहे थे. अफगानिस्तान (Afghanistan) की एयरफोर्स के करीब 143 पायलट इस दौरान अपने-अपने फाइटर जेट के साथ देश छोड़कर भाग गए थे, लेकिन अब सभी ताजिकिस्तान की पहाड़ियों में जा फंसे हैं. और अब अमेरिका से मदद मांगी है, ताकि सुरक्षित जगह पहुंच सकें. अमेरिका (America) द्वारा जिन अफगान पायलटों को ट्रेनिंग दी गई थी, उनमें से कई इनमें शामिल हैं. इन्हीं में से एक ने ताजिकिस्तान की पहाड़ी से समाचार एजेंसी रॉयटर्स से बात की है. ताजिकिस्तान के दुशाम्बे से कुछ दूरी पर इन सभी पायलटों को बंदी बनाया हुआ है. ये सभी पायलट कुल 16 एयरक्राफ्ट की मदद से यहां पर पहुंचे थे, लेकिन यहां आने पर उनके फोन ले लिए गए. पहले एक यूनिवर्सिटी में उन्हें रखा गया और बाद में एक अलग जगह ले जाया गया. एक महीने से ये सभी इसी तरह डरकर रह रहे हैं. अमेरिका जाना चाहते हैं सभी पायलट सभी ने अब अमेरिका से गुहार लगाई है कि उन्हें भी बाकी कई अफगान सैनिकों की तरह अमेरिका का वीज़ा मिले और यहां से निकाला जाए. पायलटों का कहना है कि जब वह बाहर जाने की बात ताजिकिस्तान की सरकार से करते हैं, तब सिर्फ इंतजार करने की बात कह दी जाती है. हालांकि, इस बड़े ग्रुप से अलग कुछ पायलट ऐसे भी हैं जो इस वक्त ताजिकिस्तान की राजधानी दुशाम्बे में सरकारी बिल्डिंग में रुके हुए हैं. किसी पायलट को ये नहीं पता है कि उन्हें अलग-अलग क्यों रखा गया है. गौरतलब है कि 15 अगस्त को जब तालिबान ने काबुल पर कब्जा किया था, तब यहां से बड़ी संख्या में अफगान सेना के सदस्य भागे थे. तालिबान की सरकार ने अलग-अलग सरकारों से वहां गए लड़ाकू विमानों को वापस मांगा है.

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