
एक साल पहले इन 4 खिलाड़ियों ने मचाई थी धूम, लेकिन IPL 2025 में बेहद फीका रहा प्रदर्शन
AajTak
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का 18वां सीजन अब खत्म हो चुका है. इस सीजन भी कई यादगार मुकाबले देखने को मिले. कई खिलाड़ियों के लिए ये साल काफी शानदार रहा. लेकिन कुछ प्लेयर्स के लिए ये बेहद निराशाजनक रहा. आरसीबी ने इस सीजन पंजाब को हराकर पहली बार खिताब पर अपना कब्जा जमाया.
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का 18वां सीजन अब खत्म हो चुका है. इस सीजन भी कई यादगार मुकाबले देखने को मिले. कई खिलाड़ियों के लिए ये साल काफी शानदार रहा. लेकिन कुछ प्लेयर्स के लिए ये बेहद निराशाजनक रहा. आरसीबी ने इस सीजन पंजाब को हराकर पहली बार खिताब पर अपना कब्जा जमाया. आइए आपको बताते हैं ऐसे 4 खिलाड़ियों के बारे में जिन्होंने साल 2024 में अपना जलवा बिखेरा लेकिन इस सीजन उनका प्रदर्शन बेहद फीका रहा.
हर्षल पटेल
हर्षल पटेल ने आईपीएल 2024 में पंजाब किंग्स के लिए खेलते हुए पर्पल कैप जीती थी. उन्होंने 14 मैचों में 19.88 की औसत से 24 विकेट लिए थे. इस बार आईपीएल 2025 की मेगा नीलामी में सनराइजर्स हैदराबाद ने उन्हें 8 करोड़ रुपये में खरीदा. हालांकि इस सीजन में 34 वर्षीय हर्षल ने 13 मैचों में केवल 16 विकेट लिए और उनका औसत 26.88 रहा. इनमें से भी 8 विकेट सिर्फ दो मैचों में आए, जिससे साफ जाहिर होता है कि उनकी विकेट लेने की काबिलियत इस बार कम नजर आई.
आंद्रे रसेल
आंद्रे रसेल ने आईपीएल 2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) को 10 साल बाद खिताब जिताने में अहम योगदान दिया था. उन्होंने 9 पारियों में 31.71 की औसत और 185 की स्ट्राइक रेट से 222 रन बनाए थे. गेंदबाजी में भी 15 मैचों में 15.53 की औसत से 19 विकेट लिए थे.
रसेल को केकेआर ने रिटेन किया, लेकिन इस बार वह अपने नाम के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सके. आईपीएल 2020 के बाद से यह उनका सबसे खराब बल्लेबाजी सीजन रहा. उन्होंने 18.56 की औसत और 163.73 की स्ट्राइक रेट से सिर्फ 167 रन बनाए. गेंदबाजी में भी वह फीके रहे, 9 पारियों में सिर्फ 8 विकेट ले सके और उनका औसत 27.13 रहा.

टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने भारतीय टीम की सबसे बड़ी चुनौती को लेकर आगाह किया है. उनका मानना है कि ओस के कारण स्पिन और तेज गेंदबाजी के संतुलन को लेकर टीम मैनेजमेंट को मुश्किल फैसले लेने पड़ेंगे. कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती को एक साथ खिलाना या नहीं, यही भारत के लिए सबसे बड़ा सवाल होगा.












