
उत्तराकाशी: टनल में फंसे मजदूरों को डिप्रेशन से बचाने के लिए भेजी दवा, खाने के लिए सूखी मेवा की सप्लाई
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उत्तराखंड के उत्तरकाशी में टनल हादसे को 7 दिन पूरे हो चुके हैं. रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. इस बीच एक बड़ा अपडेट सामने आया है. अंदर फंसे 41 मजदूरों को अब सूखे मेवे, मल्टीविटामिन और एंटी ड्रिपेशन टेबलेट भेजी गई हैं.
उत्तराखंड के उत्तरकाशी में टनल हादसे को 7 दिन पूरे हो चुके हैं. रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. इस बीच एक बड़ा अपडेट सामने आया है. अंदर फंसे 41 मजदूरों को डिप्रेशन से बचाने के लिए एंटी डिप्रेशन दवा भेजी जा रही है. इसके अलावा सूखी मेवा और मल्टीविटामिन की दवा भी दी जा रही है.
सड़क परिवहन और राजमार्ग सचिव अनुराग जैन ने रविवार को बताया कि श्रमिकों को मल्टीविटामिन, एंटीडिप्रेसेंट और सूखी मेवा भेजे जा रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि अच्छी बात यह है कि अंदर बिजली कनेक्शन शुरू हो चुका है, जिसके कारण टनल के अंदर रोशनी है. पाइपलाइन से पानी भी भेजा जा रहा है. इसके लिए एक 4 इंच के पाइप का इस्तेमाल किया जा रहा, आमतौर पर इसे कंप्रेशन के लिए इस्तेमाल किया जाता है. इस पाइप के जरिए ही पहले दिन से खाना भेजा जा रहा है.
वीडियो जारी कर दिया रेस्क्यू का अपडेट
जैन ने उत्तरकाशी टनल ढहने के बचाव अभियान पर एक वीडियो अपडेट देते हुए कहा,'सुरंग के अंदर दो किमी के हिस्से में पानी और बिजली की व्यवस्था हो गई है. यह दो किलोमीटर का वह हिस्सा है, जो 4.5 किमी. की निर्माणाधीन सिल्क्यारा टनल में तैयार किया जा चुका है.
24 मीटर ड्रिलिंग के बाद रोका गया था काम
सुरंग का निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग और बुनियादी ढांचा विकास निगम लिमिटेड (NHIDCL) कर रहे हैं. सुरंग पिछले रविवार (12 नवंबर) सुबह करीब साढ़े पांच बजे ढह गई थी. तब से ही वहां रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. हालांकि, इसे शुक्रवार की दोपहर कुछ देर के लिए रोका गया था, जब अमेरिकी ऑगर मशीन से ड्रिलिंग के दौरान कुछ परेशानी का सामना करना पड़ा था. हालांकि, तब तक ऑगर मशीन ने 60 मीटर के मलबे में से 24 मीटर ड्रिल कर दिया था.

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