
ईरान के तेल पर ट्रंप की नजर... तीन दिन में 3 बार बोल चुके- बहुत तेल है इनके पास... क्या है हिडेन प्लान?
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले जहां इस बात के सख्त खिलाफ थे कि कोई भी देश ईरान का तेल खरीदे, वही अब कह रहे हैं कि चीन ईरानी तेल खरीदना जारी रख सकता है. उन्होंने कहा है कि ईरान के पास बहुत तेल है. वो ईरान की तारीफ भी कर रहे हैं कि ईरान ने बेहद बहादुरी से जंग लड़ा.
अमेरिकी मदद से ईरान और इजरायल के बीच जब से सीजफायर हुआ है, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ईरान के प्रति कट्टर रवैया बदला-बदला नजर आ रहा है. वो बार-बार ईरान के तेल की बात कर रहे हैं और कह रहे हैं कि ईरान बहादुरी से युद्ध लड़ा. बुधवार को पश्चिमी देशों के रक्षा संगठन NATO के एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए ट्रंप ने ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों में ढील के सवाल पर कहा कि युद्ध के बाद ईरान को पैसे की जरूरत है. ट्रंप की इस टिप्पणी का सीधा मतलब था कि वो ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों में ढील देने को इच्छुक हैं.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा, 'देखिए, वो अभी एक युद्ध से निकले हैं. उन्होंने बेहद ही बहादुरी से युद्ध लड़ा. वो तेल का बिजनेस करते हैं. मेरा मतलब है कि अगर मैं चाहूं तो उन्हें इससे रोक सकता हूं और चीन को खुद तेल बेच सकता हूं. लेकिन मैं ये नहीं करना चाहता. देश को दोबारा पटरी पर लाने के लिए उन्हें पैसों की जरूरत है. और हम चाहते हैं कि ऐसा हो.'
ट्रंप ने आगे कहा, 'अगर वो तेल बेचना चाह रहे हैं तो बेचेंगी ही. हम तेल पर कब्जा नहीं कर रहे हैं.'
ईरान से चीन के तेल खरीद को ट्रंप ने दी है हरी झंडी ईरान-इजरायल युद्ध से पहले ट्रंप इस बात के सख्त खिलाफ थे कि कोई भी देश प्रतिबंधित ईरानी तेल खरीदे. बावजूद इसके, चीन अप्रत्यक्ष तरीकों से चोरी-छिपे ईरान का तेल खरीदता है. चीन ईरानी तेल का सबसे बड़ा खरीददार है और उसने ईरानी तेल पर लगे चीनी प्रतिबंधों का हमेशा विरोध किया है.
ईरानी तेल की खरीद को लेकर ट्रंप ने चीन की कई स्वतंत्र छोटी तेल रिफाइनरी कंपनियों और बंदरगाह टर्मिनल ऑपरेटरों पर प्रतिबंध भी लगा दिया था. लेकिन मंगलवार को नेटो शिखर सम्मेलन के लिए जाते वक्त ट्रंप ने कहा कि चीन ईरान से तेल खरीद सकता है. उन्होंने कहा कि इजरायल और ईरान के बीच युद्धविराम पर सहमति के बाद चीन ईरानी तेल खरीदना जारी रख सकता है.
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा, 'चीन अब ईरान से तेल खरीदना जारी रख सकता है. उम्मीद है कि वो (चीन) अमेरिका से भी खूब तेल खरीदेगा.'

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