
ईरानी युद्धपोत पर अमेरिकी हमले के बाद क्यों हो रही है मोदी सरकार की चर्चा, ईरान क्या बोला
BBC
इस घटना को लेकर भारत के विपक्षी दलों ने मोदी सरकार पर सवाल खड़े किए हैं. वहीं कई विशेषज्ञों ने भी घटना पर चिंता जताई है.
बुधवार को अमेरिका ने हिंद महासागर में ईरान का एक युद्धपोत टॉरपीडो से हमला करके डुबो दिया है.
इसे लेकर भारत की विपक्षी पार्टियां मोदी सरकार पर सवाल उठा रही हैं.
अब ईरान ने अमेरिका के इस हमले पर प्रतिक्रिया दी है.
चार मार्च को ये घटना हुई.
अमेरिका ने इस युद्धपोत का नाम नहीं बताया है लेकिन उसका ये ऐलान श्रीलंकाई सरकार के उस बयान के बाद आया है जिसमें कहा गया था कि ईरानी युद्धपोत डेना की ओर से उनके पास एक डिस्ट्रेस कॉल (आपातकालीन संदेश) मिला जिसमें सहायता मांगी गई थी.
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराग़ची ने इस हमले को लेकर अमेरिकी की आलोचना की है.
उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, "ईरान के तट से दो हज़ार मील की दूरी पर अमेरिका ने समंदर में एक अपराध किया है. फ़्रिगेट डेना नाम का जहाज़ जो भारतीय नौसेना का मेहमान था और जिसमें 130 नाविक सवार थे, उस पर बिना किसी चेतावनी के अंतरराष्ट्रीय सीमा में हमला किया गया. मेरी बात याद रखें- अमेरिका ने जो स्टैंडर्ड सेट किए हैं उसकी उसे भारी क़ीमत चुकानी होगी."













