
'इस जेल से मुझे बाहर निकालो', मक्खियों और कीड़ों से परेशान इमरान खान ने लगाई गुहार
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अटक जेल में बंद इमरान खान के वकीलों का कहना है कि 70 साल के उनके मुवक्किल इस जेल में नहीं रहना चाहते क्योंकि यहां दिन के समय मक्खियों और और रात में कीट-पतंगों ने उनका जीना मुहाल कर रखा है. जेल में उन्हें बहुत ही दयनीय स्थिति में रखा गया है. उन्हें 'सी' श्रेणी की सुविधाएं दी जा रही हैं.
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान तोशाखाना मामले में अटक जेल में बंद हैं. खबर है कि अटक जेल की 'सी' कैटेगरी की बैरक में उनकी जीना मुहाल हो गया है. यही वजह है कि इमरान ने अपने वकीलों से कहा है कि उन्हें इस जेल से बाहर निकाला जाए.
इमरान खान के वकीलों का कहना है कि 70 साल के उनके मुवक्किल अटक जेल में नहीं रहना चाहते क्योंकि यहां दिन के समय मक्खियों और और रात में कीट-पतंगों ने उनका जीना मुहाल कर रखा है.
इमरान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी ने सोमवार को इस्लामाबाद हाईकोर्ट का रुख कर उनके पार्टी प्रमुख को अटक से निकालकर रावलपिंडी की अदियाला जेल में शिफ्ट करने की गुहार लगाई थी. इस याचिका में यह भी आग्रह किया गया था कि इमरान को अटक की 'ए' श्रेणी की बैरक में रखा जाए. साथ ही उनके परिवार, वकीलों और डॉक्टर फैजल सुल्तान को उनसे मिलने की इजाजत दी जाए.
अटक जेल से जुड़े सूत्रों ने बताया कि इमरान ने अपने वकील को बताया है कि उन्हें किसी भी कीमत पर इस जेल से बाहर निकाला जाए. इमरान का कहना है कि वह इस जेल में नहीं रहना चाहते. उनके वकील नईम हैदर पंजोथा का कहना है कि इमरान को जेल में बहुत ही दयनीय स्थिति में रखा गया है. उन्हें 'सी' श्रेणी की सुविधाएं दी जा रही हैं.
बता दें कि 70 वर्षीय खान को इस्लामाबाद ट्रायल कोर्ट द्वारा तोशखाना भ्रष्टाचार मामले में भ्रष्ट आचरण का दोषी पाए जाने और तीन साल जेल की सजा सुनाए जाने के तुरंत बाद शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया था. तीन महीने में यह दूसरी बार है जब खान को गिरफ्तार किया गया. इस पहले पूर्व पीएम को 9 मई को इस्लामाबाद में अल-कादिर ट्रस्ट भ्रष्टाचार मामले में उच्च न्यायालय परिसर से गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उनके समर्थकों ने हिंसक विरोध प्रदर्शन किया था. खान पर देशभर में 140 से अधिक मामले दर्ज हैं. उन पर आतंकवाद, हिंसा, ईशनिंदा, भ्रष्टाचार और हत्या जैसे आरोप हैं.
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