
इस्फहान, फोर्डो और... क्या ईरान के इन ठिकानों पर भी अटैक करेगा इजरायल? जहां रखे हैं न्यूक्लियर सीक्रेट
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US और UN की न्यूक्लियर पर निगरानी रखने वाली संस्था एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) का मानना है कि ईरान के पास गुप्त तरीके से न्यूक्लियर हथियार बनाने पर काम कर रहा था जिसे साल 2003 रोक दिया गया था. अब एजेंसी का दावा है कि ईरान दो जगहों पर 60% तक शुद्धता वाला यूरेनियम है. अगर इसे और अधिक बेहतर किया जाए तो इससे छह परमाणु बम बनाए सकते हैं.
ईरान और इजरायल के बीच तनाव चरम पर है. इजरायल ने ऑपरेशन राइजिंग लॉयन के तहत ईरान के कई परमाणु ठिकानों पर हमला किया जिसमें सेना प्रमुख और कई टॉप परमाणु वैज्ञानिकों के मारे जाने के पुष्टि हुई है. तेहरान के डिफेंस और न्यूक्लियर कमान को बड़ा झटका लगा है. ईरान पर हमले के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि आईडीएफ ने ईरान के लिए परमाणु बम बना रहे कुछ वैज्ञानिकों को भी निशाना बनाया है. इसके अलावा ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल फैसिलिटीज को भी नुकसान पहुंचा है. अब सवाल यह है भी है कि ईरान के न्यूक्लियर ठिकाने कहां-कहां है, जहां इजरायल हमला कर सकता है.
दरअसल, US और UN की न्यूक्लियर पर निगरानी रखने वाली संस्था का मानना है कि ईरान के पास गुप्त तरीके से न्यूक्लियर हथियार बनाने पर काम कर रहा था जिसे साल 2003 रोक दिया गया था. हालांकि इस्लामिक रिपब्लिक इस बात से इनकार कर रही है कि उसके पास कभी परमाणु हथियार या बनाने से संबंधित कोई प्लानिंग नहीं रही. यह अलग बात है कि ईरान ने साल 2015 में विश्व शक्तियों के साथ इंटरनेशनल प्रतिबंधों को हटाने के एवज में न्यूक्लियर एक्टिविटज रोकने का समझौता किया था, जो साल 2018 में टूट गया था. क्योंकि अमेरिका ने इस समझौते से अपना हाथ खींच लिया.
क्या ईरान परमाणु हथियार बना रहा है? माना जा रहा कि 2015 का समझौता टूटने के बाद (2018 से) ईरान अपने यूरेनियम संवर्धन प्रोग्राम पर युद्धस्तर पर काम कर रहा है. नेतन्याहू ने शुक्रवार को कहा कि ईरान ने नौ परमाणु बमों के लिए हाई लेवल यूरेनियम तैयार कर लिया है. बीते कुछ महीनों में ईरान ने यूरेनियम को हथियार बनाने की दिशा में ऐसे कदम उठाए गए हैं जो उसने पहले कभी नहीं उठाए थे. अगर इसे रोका नहीं किया तो ईरान महज एक साल या कुछ महीनों में परमाणु हथियार बना लेगा. अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने भी इसकी पुष्टि की है.
कितने परमाणु बम बना सकता है ईरान? इजराइली न्यूज वेबसाइट जेरूसलम पोस्ट की माने तो यूएन की एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) की एक रिपोर्ट में कहा गया कि ईरान ने जांच में 'सामान्य सहयोग' नहीं दिखाया. एजेंसी के अनुसार, ईरान दो जगहों पर 60% तक शुद्धता वाला यूरेनियम है. अगर इसे और अधिक बेहतर किया जाए तो इससे छह परमाणु बम बनाए सकते हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, नतांज के अलावा भी ईरान के कई शहरों में न्यूक्लियर सीक्रेट्स रखने होने का दावा किया जा रहा है, जहां इजरायल कभी भी अटैक कर सकता है. इनमें फोर्डो, इस्फहान, खोंदाब, बुशहर और तेहरान अनुसंधान केंद्र शामिल हो सकते हैं.
नतांज न्यूक्लियर फैसिलिटी तबाह इजरायल ने शुक्रवार को ईरान की नतांज परमाणु फैसिलिटी पर हवाई हमले से तबाह कर दिया है, इसकी पुष्टि इंटरनेशनल परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने भी की है. इजरायल की पीएम ने कहा कि हमने नतांज में ईरान के मुख्य न्यूक्लियर प्लांट और ईरानी परमाणु वैज्ञानिकों को टारगेट किया है.
नतांज, तेहरान के दक्षिण में कोम शहर के पास पहाड़ों के किनारे स्थित है. नतांज़ में दो मेजर प्लांट्स हैं- पहला- फ्यूल एनरिचमेंट प्लांट (FEP), जो जमीन के नीचे बना है और बड़े पैमाने पर यूरेनियम बढ़ा रहा है और दूसरा- पायलट फ्यूल एनरिचमेंट प्लांट (PFEP), जो जमीन के ऊपर है. FEP में लगभग 16,000 सेंट्रीफ्यूज हैं, जिनमें से 13,000 काम कर रहे हैं और 5% तक शुद्धता वाला यूरेनियम बना रहे हैं. साल 2002 में इस साइट का खुलासा हुआ था, जिसके बाद ईरान और पश्चिमी देशों के बीच तनाव बढ़ा. इस साइट को इजरायल ने पहले भी साल 2021 में निशाना बनाया था.

अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग का आज 25वां दिन है. एक तरफ कूटनीतिक बातचीत की हलचल तेज हुई है, तो दूसरी तरफ सैन्य हमले भी थम नहीं रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक दिन पहले ईरान के ऊर्जा और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पर 5 दिन हमला ना करने का दावा किया लेकिन अब IRGC ने दावा किया है कि ईरान के 2 ऊर्जा ठिकानों को फिर से निशाना बनाया गया. इस बीच इजरायली पीएम नेतन्याहू ने ट्रंप से बातचीत की और उसके बाद कहा कि ईरान और लेबनान पर हमले जारी रहेंगे. इजरायल लगातार लेबनान में हिज्बुल्ला के ठिकानों को निशाना बना रहा है. इस हमलों के बीच ये युद्ध भीषण रूप लेता जा रहा है. जंग को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है. ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ बेहद मजबूत बातचीत हुई है और करीब करीब सभी बिंदुओं पर सहमति बन गई है. उन्होंने ये भी कहा है कि विटकॉफ और कुश्नर बातचीत कर रहे हैं. अगर इसी तरह बातचीत चली तो युद्ध खत्म हो सकता है. ट्रंप दावा कर रहे हैं कि मजबूत बातचीत रही लेकिन ईरान का कहना है कि कोई बातचीत नहीं हुई जब ट्रंप से पूछा गया कि विटकॉफ और कुशनर किससे बातचीत कर रहे हैं तो उन्होंने किसी का नाम लेने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि हम उस व्यक्ति से बात कर रहे हैं, जिसे मैं सबसे अधिक सम्मानित और नेता मानता हूं. जब उनसे पूछा गया कि क्या वो नेता ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खुमेनेई हैं तो ट्रंप ने कहा कि नहीं- वो सुप्रीम लीडर नहीं है, हमें ये भी नहीं पता कि वो जीवित हैं या नहीं.

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