
इजरायल में रा'म पार्टी के अब्बास मंसूर कैसे बने किंगमेकर?
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इजरायल के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि एक इस्लामिक नेता और घोर दक्षिणपंथी यहूदी नेता एक साथ आए हैं. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को सत्ता से बाहर करने के साझे मकसद ने दोनों नेताओं को साथ लाकर खड़ा कर दिया है. इजरायल की अरब आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाली पार्टी यूनाइटेड अरब लिस्ट के नेता मंसूर अब्बास ने बुधवार रात को दक्षिणपंथी नेफ्टाली बेनेट को अपना समर्थन दिया है. नेफ्टाली बेनेट इजरायल के अगले प्रधानमंत्री बनने के करीब पहुंच गए हैं.
इजरायल के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि एक इस्लामिक पार्टी और दक्षिणपंथी पार्टी सरकार बनाने के लिए साथ आए हैं. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को सत्ता से बाहर करने के मकसद ने बिल्कुल अलग विचारधाराओं वाली दो पार्टियों को साथ लाकर खड़ा कर दिया है. इजरायल की अरब आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाली पार्टी यूनाइटेड अरब लिस्ट यानी रा'म के नेता मंसूर अब्बास ने बुधवार रात को दक्षिणपंथी नेफ्टाली बेनेट को अपना समर्थन देने का ऐलान किया. नेतन्याहू को संसद में बुधवार आधी रात तक बहुमत साबित करना था लेकिन उसके पहले येश एटिड पार्टी के नेता येर लेपिड ने राष्ट्रपति रुवेन रिवलिन को सूचित किया कि वो नई सरकार बनाने के लिए तैयार हैं. येर लेपिड ने राष्ट्रपति से कहा है कि इस सरकार में प्रधानमंत्री यामिना पार्टी के नेफ्टाली बेनेट होंगे. समझौते के अनुसार, बेनेट सितंबर 2023 तक प्रधानमंत्री रहेंगे. उसके बाद लेपिड प्रधानमंत्री बनेंगे और नवंबर 2025 तक रहेंगे. इस समझौते पर रा'म (Ra'am) पार्टी के नेता मंसूर अब्बास ने भी हस्ताक्षर किए. यह पहली बार होने जा रहा है जब इस्लामिक पार्टी सत्ताधारी गठबंधन का हिस्सा बनने जा रही है. मंसूर अब्बास की रा'म पार्टी को चुनाव में चार सीटें हासिल हुई थीं और वह सबसे आखिरी पायदान पर थी. इसके बावजूद, सरकार बनाने में उनकी भूमिका अहम है.
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