
इजरायली पुलिस के साथ झड़प में एक फिलिस्तीनी की मौत, 40 से अधिक घायल
AajTak
इज़राइली पुलिस ने कहा कि दंगाइयों ने अल-अक्सा के नीचे पवित्र यहूदी स्थल के पश्चिमी दीवार की ओर पथराव किया. पुलिस ने कहा कि तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने कहा कि हालातों पर काबू पा लिया गया है.
इजरायली पुलिस के साथ झड़प में फिलिस्तीनी की मौत हो गई. फिलिस्तीनी सरकार की ओर से इसका दावा किया गया है. दरअसल, शुक्रवार को विवाद उस वक्त शुरू हुआ जब फिलिस्तीनियों की ओर से यरुशलम स्थित पवित्र स्थल पर पत्थर फेंके गए. इसके बाद इजरायली पुलिस ने रबर की गोलियां चलाईं. इजरायली पुलिस का कहना है कि अल-अक्सा मस्जिद परिसर के अंदर फिलिस्तीनियों ने भारी सुरक्षा वाले गेट की ओर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया. जिस ओर पत्थर फेंका गया है, वहां यहूदी प्रार्थना करते हैं. सूचना के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची जिसके बाद फिलिस्तीनियों की पुलिस से झड़प हो गई. करीब एक घंटे बाद हालातों पर काबू पा लिया गया.
पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक, तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें से दो को पत्थर फेंकने और एक को भीड़ को उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. वहीं, फिलिस्तीनी रेड क्रिसेंट इमरजेंसी सर्विसेज की ओर से जानकारी दी गई कि झड़प में 40 से अधिक लोग घायल हो गए हैं, जिनमें से 22 को स्थानीय अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है.
बता दें कि अल-अक्सा मस्जिद इस्लाम का तीसरा सबसे पवित्र स्थल है. यह एक पहाड़ी की चोटी पर बनाया गया है जो यहूदियों के लिए सबसे पवित्र स्थल है. यहां लंबे समय से इजरायल-फिलिस्तीनी के बीच संघर्ष होता रहा है.
पिछले कुछ दिनों में कई बार इजरायली पुलिस और फिलिस्तीनियों के बीच झड़प हुई है. इजरायल के अधिकारियों ने गाजा पर शासन कर रहे हमास के आतंकवादी समूह पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया.
2021 में भी रमजान के दौरान हुई थी हिंसा

राष्ट्रपति ट्रंप ने एक इंटरव्यू में स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि ईरान ने उन पर हमला किया या उनकी हत्या की साज़िश रची, तो अमेरिका ईरान को पूरी तरह से दुनिया के नक्शे से मिटा देगा. यह बयान अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है. ट्रंप की इस धमकी ने वैश्विक राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. ऐसे हालात में दोनों देशों के बीच शांति बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है.

ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चिंता अभी भी कायम है. दावोस में दिए अपने भाषण में उन्होंने डेनमार्क को कड़ी चेतावनी दी और कहा कि वह एहसानफरामोश निकला, क्योंकि दूसरे विश्व युद्ध के बाद अमेरिका ने ग्रीनलैंड को दिया था, लेकिन अब डेनमार्क इसका सही उपयोग नहीं कर रहा है. ट्रंप ने जोर देकर कहा कि ग्रीनलैंड अमेरिका की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है और वह इसे लेना चाहते हैं.

'PM मोदी की बहुत इज्जत करता हूं, जल्द अच्छी ट्रेड डील होगी', टैरिफ धमकियों के बीच ट्रंप का बड़ा बयान
ट्रंप ने मीडिया संग बातचीत में भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर कहा कि आपके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर मेरे मन में बहुत सम्मान है. वह बेहतरीन शख्स है और मेरे दोस्त हैं. हमारे बीच बेहतरीन ट्रेड डील होने जा रही है.

ट्रंप ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे यूरोप से प्यार है लेकिन वह सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है. दुनिया हमें फॉलो कर बर्बादी के रास्ते से बच सकती है. मैंने कई मुल्कों को बर्बाद होते देखा है. यूरोप में मास माइग्रेशन हो रहा है. अभी वो समझ नहीं रहे हैं कि इसके क्या-क्या दुष्प्रभाव हो सकते हैं. यूरोपीयन यूनियन को मेरी सरकार से सीखना चाहिए.









