
इंग्लैंड दौरे पर इन 3 खिलाड़ियों के हाथ लगी निराशा... 2 का तो डेब्यू का भी इंतजार बढ़ा
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इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम ने 16 खिलाड़ी आजमाए. हालांकि तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह, स्पिनर कुलदीप यादव और सलामी बल्लेबाज अभिमन्यु ईश्वरन इस पूरी सीरीज में एक भी मैच नहीं खेल पाए.
भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का आखिरी मुकाबला 31 जुलाई (गुरुवार) से लंदन के ओवल क्रिकेट ग्राउंड पर शुरू हुआ. इस मुकाबले के लिए भारतीय टीम की प्लेइंग-11 में चार बदलाव देखने को मिले. विकेटकीपर बल्लेबाज ध्रुव जुरेल को पहली बार इस सीरीज में मौका मिला. वहीं प्रसिद्ध कृष्णा, आकाश दीप और करुण नायर की प्लेइंग-11 में वापसी हुई.
देखा जाए तो भारतीय टीम ने इस सीरीज में कुल 16 खिलाड़ियों को मौका दिया. 11 खिलाड़ी इस मैच का हिस्सा हैं. जबकि जसप्रीत बुमराह, ऋषभ पंत, अंशुल कम्बोज, नीतीश कुमार रेड्डी और शार्दुल ठाकुर ने भी इस दौरे पर मुकाबले खेले. इसका मतलब ये रहा कि अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव और अभिमन्यु ईश्वरन पूरी सीरीज में एक भी मैच नहीं खेल पाए.
अर्शदीप सिंह और अभिमन्यु ईश्वरन का तो अब तक टेस्ट डेब्यू भी नहीं हुआ है, ऐसे में दोनों का डेब्यू का इंतजार अब और लंबा हो गया है. अर्शदीप सिंह हालांकि इस दौरे पर टेस्ट मैच खेलने के करीब थे. अर्शदीप को एजबेस्टन में हुए सीरीज के दूसरे टेस्ट में मौका मिल सकता था, लेकिन टीम मैनेजमेंट ने आकाश दीप को अनुभव के आधार पर प्राथमिकता दी.
अर्शदीप सिंह को चौथे टेस्ट से पहले लगी थी चोट चौथे टेस्ट में तो अर्शदीप सिंह का खेलना तय ही दिख रहा था, लेकिन वो ट्रेनिंग सेशन के दौरान चोटिल हो गए. तब उनके बाएं हाथ की उंगली में कट लग गया था. ऐसे में अंशुल कम्बोज को टेस्ट डेब्यू का मौका मिल गया. पांचवें टेस्ट में एक बार फिर उनके खेलने की चर्चा थी. यहां तक कि भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने भी इसके संकेत दिए थे, लेकिन अंत में प्रसिद्ध कृष्णा को उन पर तरजीह दी गई.
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चाइनामैन कुलदीप यादव का नाम पूरे सीरीज में चर्चा में रहा. ऐसा लग रहा था कि वो इस सीरीज में कम से कम एक मुकाबला तो जरूर खेलेंगे, लेकिन कलाई के बेहतरीन स्पिनर्स में से एक होने के बावजूद उन्हें प्लेइंग-11 में जगह नहीं मिल पाई. शायद टीम मैनेजमेंट ऐसे खिलाड़ी को चाहती थी जो बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में योगदान दे. इसी वजह से शार्दुल ठाकुर और वॉशिंगटन सुंदर जैसे खिलाड़ियों को उन पर तवज्जो दी दी गई. भारतीय टीम की इस रणनीति की आलोचना होती रही, लेकिन मैनेजमेंट अपने गेम प्लान पर कायम रही.

टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने भारतीय टीम की सबसे बड़ी चुनौती को लेकर आगाह किया है. उनका मानना है कि ओस के कारण स्पिन और तेज गेंदबाजी के संतुलन को लेकर टीम मैनेजमेंट को मुश्किल फैसले लेने पड़ेंगे. कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती को एक साथ खिलाना या नहीं, यही भारत के लिए सबसे बड़ा सवाल होगा.












