
इंग्लैंड की हालत ODI क्रिकेट में खस्ता, वर्ल्ड कप का टिकट भी मुश्किल, आंकड़े चौंकाने वाले
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वर्ल्ड कप 2023 के बाद से इंग्लैंड का प्रदर्शन ओडीआई क्रिकेट में बहद खराब रहा है. इंग्लैंड की टीम ने अरसे बाद साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज गंवाया है.
आईसीसी मेन्स वनडे वर्ल्ड कप 2027 में अब भी दो साल से ज्यादा का समय बचा हुआ है. यह मेगा टूर्नामेंट साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे की मेजबानी में अक्टूब-नवंबर के महीने में आयोजित होगा. वर्ल्ड कप 2027 अभी दूर है, लेकिन कुछ टीमों के लिए डायरेक्ट क्वालिफिकेशन की रेस अभी से ही मुश्किल हो चली है.
2019 में ओडीआई वर्ल्ड कप जीतने वाली इंग्लिश टीम की हालत तो काफी खराब दिख रही है. इंग्लैंड की टीम वनडे क्रिकेट में लगातार मुकाबले हार रही है. गुरुवार को इंग्लिश टीम को साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज के दूसरे मुकाबले में 5 रनों से हार का सामना करना. इससे पहले लॉर्ड्स में हुए सीरीज के पहले मैच में इंग्लैंड केवल 132 रन पर ऑलआउट हो गया था और साउथ अफ्रीका ने मैच 7 विकेट से जीत लिया था. इंग्लैंड को 1998 के बाद पहली बार साउथ अफ्रीका के हाथों ओडीआई सीरीज में हार का सामना करना पड़ा है.
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देखा जाए तो इंग्लैंड की टीम इस समय आईसीसी वनडे रैंकिंग में 8वें नंबर पर है. अगर यही फॉर्म जारी रहा, तो हो सकता है कि इंग्लैंड वनडे वर्ल्ड कप 2027 के लिए डायरेक्ट क्वालिफाई नहीं कर पाए. ऐसी स्थिति में इंग्लैंड को क्वालिफायर मुकाबले खेलने पड़ सकते हैं, जहां टीम पर काफी दबाव होगा. वेस्टइंडीज और बांग्लादेश भी डायरेक्ट क्वालिफिकेशन की रेस में पिछड़े नजर आ रहे हैं.
नामीबिया को क्यों नहीं मिला डायरेक्ट एंट्री?
साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे मेजबान देश होने के नाते सीधे वनडे विश्व के लिए क्वालिफाई कर चुके हैं. इसके अलावा आईसीसी की रैंकिंग में टॉप-8 में शामिल टीम्स को भी सीधे प्रवेश मिलेगा. इसके लिए कट ऑफ डेट 31 मार्च 2027 रखा गया है. बाकी टीमों का फैसला क्वालिफायर टूर्नामेंट से होगा. एक अन्य मेजबान देश नामीबिया को भी शायद क्वालिफायर टूर्नामेंट में भाग लेना पड़ेगा. नामीबिया आईसीसी का फुल मेम्बर नहीं है, इसलिए उसे मेजबान होने के बावजूद सीधे एंट्री नहीं मिला है.

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