
'आतंकवादी फ्रीडम फाइटर कैसे...', पाकिस्तानी हिन्दू क्रिकेटर दानिश कनेरिया ने अब लगाई डिप्टी पीएम इशाक डार की क्लास
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दानिश कनेरिया पाकिस्तान के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले सिर्फ दूसरे हिंदू क्रिकेटर हैं. दानिश कनेरिया के चचेरे भाई अनिल दलपत भी पाकिस्तानी टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं.
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के बैसरन में मंगलवार (22 अप्रैल) को आतंकी हमले में 26 मासूम पर्यटकों की मौत हुई थी. आतंकियों के इस कृत्य पर पूरे देश में गम और गुस्से का माहौल है. आतंकियों को पकड़ने के लिए सुरक्षाबल लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं. हमले के बाद केंद्र सरकार भी एक्शन मोड में है और उसने पड़ोसी मुल्क के खिलाफ बड़े फैसले लिए हैं.
पहलगाम हमले की व्यापक रूप से निंदा हुई है और दुनिया भर के देशों ने आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठाई है. इस हमले के बाद पाकिस्तान के डिप्टी पीएम एवं विदेश मंत्री इशाक डार ने विवादास्पद बयान दिया. इशाक डार ने पहलगाम में हमला करने वाले आतंकियों को फ्रीडम फाइटर (स्वतंत्रता सेनानी) कहा था.
इशाक डार के इस बयान की पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेट दानिश कनेरिया ने आलोचना की है. कनेरिया का मानना है एक आतंकवादी फ्रीडम फाइटर कैसे हो सकता है. यह आतंकियों को पनाह देने की खुली स्वीकारोक्ति है. बता दें कि पहलगाम हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' (TRF) ने ली है, जो लश्कर-ए-तैयबा का मुखौटा है.
44 साल के दानिश कनेरिया ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, 'जब पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री आतंकवादियों को 'स्वतंत्रता सेनानी' कहते हैं, तो यह सिर्फ अपमान नहीं है. यह राज्य प्रायोजित आतंकवाद की खुली स्वीकारोक्ति है.'
इस्लामाबाद में पत्रकारों से बात करते हुए इशाक डार ने कहा था, '22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम जिले में हमला करने वाले लोग स्वतंत्रता सेनानी हो सकते हैं.' इससे पहले दानिश कनेरिया ने पहलगाम हमले को लेकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की चुप्पी पर भी सवाल उठाया था. उन्होंने शरीफ पर आतंकवादियों को पनाह देने का आरोप लगाया था.

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