
असीम मुनीर को अमेरिका ने आर्मी परेड डे पर बुलाया? भारत की टेंशन, चीन के लिए बेचैनी
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पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर 14 जून को आयोजित अमेरिकी सेना की 250वीं वर्षगांठ समारोह में हिस्सा लेंगे. यह दौरा बदलते वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा परिप्रेक्ष्य में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इमरान खान की पार्टी विरोध प्रदर्शन का ऐलान कर चुकी है.
पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर 12 जून को अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी पहुंचने वाले हैं, जहां वे 14 जून को आयोजित अमेरिकी सेना की 250वीं वर्षगांठ के कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे. यह कार्यक्रम दुनियाभर के सैन्य नेताओं के लिए आमंत्रण का मौका है, लेकिन इस बार यह दौरा रणनीतिक नजरिए से काफी अहम माना जा रहा है. इस बारे में इमरान खान की पार्टी पीटीआई ने दावा किया है और उनकी यात्रा के दौरान पार्टी ने विरोध-प्रदर्शन का ऐलान किया है.
पाकिस्तानी दूतावास के सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि इस यात्रा को अमेरिका और पाकिस्तान के बीच बदलते रिश्तों और वैश्विक शक्ति संतुलन के संदर्भ में बारीकी से देखा जा रहा है. अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि इस यात्रा के दौरान पाकिस्तान पर अफगानिस्तान और भारत के खिलाफ सक्रिय आतंकी संगठनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का दबाव डाला जा सकता है.
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भारत-पाकिस्तान नें तनाव के बीच मुनीर जाएंगे अमेरिका!
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है. पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर करारा प्रहार किया था. हाल ही में यूरोप दौरे पर भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने स्पष्ट कहा, "अगर वे पाकिस्तान में गहराई में हैं, तो हम भी वहां गहराई में जाएंगे." जयशंकर ने पाकिस्तान पर "आतंकवाद को राज्य नीति का हिस्सा" बनाने का आरोप लगाया था और कहा था कि भारत अब ऐसे बर्बर हमलों को नहीं सहेगा.
पाकिस्तान को बताया काउंटर टेररिज्म में सहयोगी

ईरान में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के चलते इरफान सुलतानी को गिरफ्तार किया गया था. 8 जनवरी को गिरफ्तारी के बाद 11 जनवरी को मुकदमे में वह मोहरेबेह दोषी पाए गए. मोहरेबेह का अर्थ है भगवान के खिलाफ युद्ध छेड़ना. इस मुकदमे में उन्हें कोई कानूनी सहायता नहीं मिली और परिवार को केवल 10 मिनट की आखिरी मुलाकात की अनुमति दी गई. इधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान की सरकार को चेतावनी दी है कि अगर वे प्रदर्शनकारियों को फांसी देंगे तो अमेरिका कड़ा कदम उठाएगा.

ऑपरेशन सिंदूर के महज चार दिन बाद 14 मई 2025 को शाम 4:59 बजे पाकिस्तान ने अमेरिका के साथ अपने संबंधों को रीसेट करने की कोशिश की थी, जिसमें वह काफी हद तक कामयाब भी रहा. पाकिस्तान की इस कोशिश का एक महत्वपूर्ण हिस्सा पूर्व अमेरिकी राजदूत पॉल डब्ल्यू. जोन्स की ओर से विदेश विभाग को भेजा गया एक खास ईमेल था. इस ईमेल के जरिए पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसीम मुनीर की आगामी वाशिंगटन यात्रा के एजेंडे और रणनीतिक बिंदुओं पर चर्चा की थी.

अमेरिका ने ईरान पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाकर एक बड़ा आर्थिक हमला किया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इस नई नीति का असर भारत समेत करीब 147 देशों पर पड़ेगा जो ईरान के साथ व्यापार करते हैं. ईरान तेल और गैस समेत कई उत्पादों का बड़ा निर्यातक है और ओपेक देश भी है. भारत और ईरान के बीच व्यापार पिछले पांच सालों में 84 प्रतिशत तक गिर चुका है. भारत मुख्य रूप से ईरान को बासमती चावल, चाय, चीनी, दवाइयां और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण निर्यात करता है, जबकि ईरान से सूखे मेवे और केमिकल्स आयात करता है.










