
अलग होंगे इस बार दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ चुनाव, बदल गए हैं ये नियम
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दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र चुनाव को राष्ट्रीय राजनीति का एक छोटा मॉडल कहा जाता है, यहां छात्र चुनावों में खड़े होने वाले उम्मीदवार राजनीति की पहली सीढ़ी को समझते हैं और आगे के लिए तैयार होते हैं. इस साल होने वाले स्टूडेंट इलेक्शन सितंबर में शुरू हो रहे हैं. इस बार कैंडिडेट्स से एक लाख का बॉन्ड भी साइन कराया जा रहा है. हालांकि, इसे लेकर छात्र संघ की तरफ से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है.
Delhi University Student Union Election 2025: दिल्ली यूनिवर्सिटी में जल्द ही छात्र चुनाव शुरू होने वाले हैं. विश्वविद्यालय ने चुनाव का पूरा शेड्यूल भी जारी कर दिया है. भविष्य में राजनीति में अपना करियर बनाने का सोच रहे छात्रों के लिए छात्र चुनाव बहुत अहम हैं. यूनिवर्सिटी में चुनाव में खड़े होने या जीतने वाले छात्रों को बहुत कुछ सीखने को मिलता है और उनके लिए आगे के रास्ते भी खुल जाते हैं. इस साल चुनावों में क्या कुछ बदला है और वोटिंग कब शुरू होगी, आइए जानते हैं.
ये छात्र संघ लड़ेंगे डीयू का चुनाव
दिल्ली यूनिवर्सिटी में चुनाव शुरू होने से पहले ही कैंपस का माहौल बदल जाता है. दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन (DUSU) चुनावों के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ा और DUSU चुनावों में करीब 10 वर्षों से सबसे सफल संगठन रहा है *अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP), कांग्रेस का छात्र संगठन **नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI), वामपंथी छात्र संगठन **स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI), SFI के साथ गठजोड़ बनाकर चुनाव लड़ने वाला **ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA)* और हाल ही में शुरू किया गया आम आदमी पार्टी का छात्र संगठन *एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स (ASAP)* अपना कैंडिडेट चुनने और प्रचार-प्रसार में जुट जाते हैं.
चुनावों के दौरान ऐसा होता है कैंपस का माहौल
कैंपस में हर तरफ कौन किसको क्यों वोट देगा, इसी पर चर्चा होती है. सभी पार्टियां चुनावों की तैयारी करती हैं. सभी छात्रों के साथ अपना मेलजोल बढ़ाती हैं, साथ ही अपनी पार्टी का एक चुनावी एजेंडा भी सेट करती हैं. पार्टी से जुड़े लोग छात्रों के हाथों में पर्चे थमाते हैं, चारों तरफ पोस्टर और बैनर लगाते हैं. माइक और छोटी स्टेज लगाकर भाषण भी देते हैं. पार्टियों के समर्थक नारे लगाते हैं, जीप, ट्रक और खुले वाहन सजाकर उनमें उम्मीदवार खड़े होकर छात्रों से वोट मांगते हैं.
इस बार के चुनावों में क्या अलग है?

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