
अमेरिका में बसे भारतीय जानेंगे इंडिया की पहली कोविड वैक्सीन की जर्नी, न्यूयॉर्क में होगा फेस्टिवल
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अमेरिका में 18 और 19 नवंबर को होने वाले इस साहित्यिक फेस्टिवल की खास बात ये है कि इसमें मेड इन इंडिया कोविड-19 वैक्सीन की जर्नी को प्रवासी भारतीयों से रूबरू कराया जाएगा. इस कार्यक्रम की मेजबानी भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिकों का सांस्कृतिक संगठन इंडो अमेरिकन आर्ट्स काउंसिल (आईएएसी) करने जा रहा है.
अमेरिका में इस महीने एक बड़ा साहित्यिक फेस्टिवल होने जा रहा है. इस फेस्टिवल में 60 से अधिक अवॉर्ड विनर लेखक और कवि शिरकत करेंगे. न्यूयॉर्क में 18 और 19 नवंबर को होने वाले इस साहित्यिक फेस्टिवल की खास बात ये है कि इसमें मेड इन इंडिया कोविड-19 वैक्सीन की जर्नी से रूबरू कराया जाएगा.
इस कार्यक्रम की मेजबानी अमेरिका में भारतीय मूल के नागरिकों के सांस्कृतिक संगठन इंडो अमेरिकन आर्ट्स काउंसिल (आईएएसी) करने जा रहा है. आईएएसी के वाइस चेयरमैन राकेश कौल ने बताया कि हमारा मानना है कि यह सिर्फ कला या साहित्य से जुड़ा हुआ नहीं बल्कि विभिन्न संस्कृतियों को एक सूत्र में पिरोने वाला फेस्टिवल होगा. यह भारत और अमेरिका दोनों देशों को एक दूसरे के पास लाने और बेहतर संबंध बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है.
फेस्टिवल में कौन-कौन करेगा शिरकत?
इस फेस्टिवल में पुलित्जर विजेता विजय शेषाद्रि, नेशनल बुक अवॉर्ड फाइनलिस्ट सारा थंकम मैथ्यूज और ग्रैमी नॉमिनेट आर्टिस्ट और एंटरप्रेन्योर चंद्रिका टंडन शामिल होंगी. टंडन ने हाल ही में अपना पांचवां अल्बम ‘अम्मूज ट्रेजर्स’ रिलीज किया है, जिसमें 35 गीत और 21 मंत्र शामिल हैं.
लेकिन इस फेस्टिवल का मुख्य आकर्षण 'गोइंग वायरल: मेकिंग ऑफ कोवैक्सीन- द इनसाइड स्टोरी' नाम की किताब और इसके लेखक एवं जाने-माने कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. बलराम भार्गव होंगे. वह आईसीएमआर के महानिदेशक भी रह चुके हैं.
बलराम भार्गव अपनी किताब के जरिए भारत की मेड इन इंडिया कोविड-19 वैक्सीन COVAXIN की यात्रा पर चर्चा करेंगे. इस किताब में विज्ञान की पेचीदगी से लेकर कोरोना से निपटने की लड़ाई में भारतीय वैज्ञानिकों की चुनौतियां, लैब नेटवर्क, डायग्नोसिस, सीरो सर्वे और वैक्सीन तक हर छोटी-बड़ी बात को शामिल किया गया है. विवेक अग्निहोत्री और पल्लवी जोशी की 2023 की फिल्म द वैक्सीन वॉर बलराम भार्गव की किताब पर ही आधारित है.

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