
अफगानिस्तान: तालिबान दुकानों के बाहर मैनिकिन की गर्दन क्यों रेत रहा है?
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तालिबान के आदेश के बाद दुकानों पर लगे मॉडल्स के पुतलों के सिर काटे जा रहे हैें जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है. तालिबान के अधिकारी ने कहा है कि पुतले गैर- इस्लामिक हैं और जिसने भी आदेश का पालन नहीं किया उसे सख्त सजा दी जाएगी.
अफगानिस्तान में तालिबान सरकार का रूढ़िवादी चेहरा एक बार फिर सामने आया है. अफगानिस्तान के हेरात प्रांत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें एक व्यक्ति कपड़े की दुकान पर लगे मॉडल्स के पुतलों के सिर धड़ से अलग कर रहा है. वीडियो में देखा जा सकता है कि व्यक्ति मॉडल्स के पुतलों के सिर काट रहा है. उसके आसपास खड़े लोग अल्लाह-हू-अकबर के नारे लगा रहे हैं और हंस रहे हैं. This is Herat where the Taliban authorities have asked clothing shops to behead all “female mannequins” calling them “un-Islamic”. Herat was called “the pearl of Khurasan” by Rumi and has been considered the cultural capital of #Afghanistan. pic.twitter.com/CUBA6fSE74

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

ईरान लगातार इजरायल को निशाना बना रहा है. यरुशलम में ईरान के हमले की आशंका को लेकर सायरन बजे. आनन-फानन में लोग बम शेल्टर की ओर भागे. ये सायरन ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी देते हैं. हमसे ले पहले कुछ मिनटों का ही समय होता है जिसमें इजरायली नागरिक अपने करीबी बम शेल्टर में तब तक शरण लेते हैं जब तक कि खतरा टल न जाए. देखें वीडियो.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.








