
अडानी पर हंगामे के बीच संसद में घिरे राहुल गांधी, विपक्ष पर भारी बीजेपी की 'स्पेशल 5' रणनीति!
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लोकतंत्र पर दिए राहुल गांधी के बयान को लेकर संसद से सड़क तक हंगामा हो रहा है. केंद्र सरकार राहुल से माफी मांगने के लिए कह रही है लेकिन कांग्रेस ने माफी मांगने से इनकार कर दिया है. वहीं कांग्रेस अडानी मुद्दे पर जेपीसी जांच की मांग कर रही है. ऐसे में दोनों के बीच तकरार होने से संसद की कार्यवाही ठप हो गई है. विपक्ष आरोप लगा रहा है कि सरकार ही सदन की कार्यवाही नहीं चलने दे रही.
'भारत में लोकतंत्र खत्म हो रहा. विपक्षी नेताओं पर केस किए जा रहे. संसद में बोलने नहीं दिया जा रहा...' कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ये शब्द लंदन में कहे थे. अब इन शब्दों को लेकर देश में सियासत तेज हो गई है. संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण 13 मार्च को शुरू होते ही शोर-शराबे की भेंट चढ़ गया. सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सत्तारूढ़ पार्टी के सांसद राहुल गांधी के बयान पर बिफर उठे. वे देश का अपमान करने पर राहुल से माफी मांगने की मांग पर अड़ गए.
वहीं कांग्रेस ने मांफी मांगने से इनकार कर दिया है. वह सरकार को हिंडनबर्ग से जुड़े अडानी मुद्दे पर घेरने में जुट हुई है. कांग्रेस अडानी मामले में जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) जांच की मांग कर रही है. अब हालात यह बन गए हैं कि पक्ष-विपक्ष अपनी-अपनी मांगों को लेकर अड़ गए हैं. विपक्ष यह आरोप लगाने लगा है कि ऐसा पहली बार हो रहा है कि सरकार ही सदन की कार्यवाही नहीं चलने दे रही.
राहुल ने लंदन में ये दिया था बयान
कांग्रेस नेता राहुल गांधी पिछले दिनों ब्रिटेन दौरे पर थे. इस दौरान राहुल ने जर्नलिस्ट एसोसिएशन के एक कार्यक्रम में कहा था, 'अगर यूरोप से तीन या 4 गुना बड़े देश में लोकतंत्र खत्म हो जाता है, तो आप कैसे रिएक्ट करेंगे. असल में भारत में ऐसा हो चुका है, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहा है. इसकी वजह यह है कि कारोबार और पैसे का मामला है. अमेरिका से आबादी में तीन से 4 गुना बड़े देश में लोकतंत्र समाप्त हो रहा है और इसकी रक्षा करने का दावा करने वाले अमेरिका और यूरोप चुपचाप देख रहे हैं. विपक्ष के तौर पर हम लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन यह अकेले भारत की जंग नहीं है. यह पूरे लोकतंत्र का एक संघर्ष है.
राहुल ने इससे पहले कैम्ब्रिज में कहा था कि भारत में लोकतंत्र खतरे में है. हम लोग एक निरंतर दबाव महसूस कर रहे हैं. विपक्षी नेताओं पर केस किए जा रहे हैं. मेरे ऊपर कई केस किए गए. ऐसे मामलों में केस किए गए, जो बनते ही नहीं. हम अपना बचाव करने की कोशिश कर रहे हैं. मीडिया और न्यायपालिका पर कब्जा हो गया है. दलित और अल्पसंख्यकों पर, आदिवासियों पर हमले हो रहे हैं. संसद में बोलने नहीं दिया जाता. विपक्षी नेता जब बोलते हैं तो उनके माइक बंद कर दिए जाते हैं. भारत में किसी भी यूनिवर्सिटी में मुझे बोलने नहीं दिया जाता.

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