
अंतरिक्ष में नहीं स्थापित हो पाईं भारत की सबसे तेज आंखें, इसरो का मिशन हुआ फेल
Zee News
क्रायोजेनिक इंजन में आई तकनीकी खराबी की वजह से यह मिशन सफल नहीं हो पाया. इसरो अध्यक्ष के सिवन ने कहा कि प्रक्षेपण के क्रायोजेनिक चरण में देखी गई तकनीकी दिक्कतों के कारण इसरो का GSLV-F10/EOS-03 मिशन पूरी तरह से पूरा नहीं हो सका.
नई दिल्लीः 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने एक और इतिहास रच दिया है. इसरो ने आज अंतरिक्ष में ईओएस-03 उपग्रह का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया. GSLV-F10 launch took place today at 0543 Hrs IST as scheduled. Performance of first and second stages was normal. However, Cryogenic Upper Stage ignition did not happen due to technical anomaly. The mission couldn't be accomplished as intended: ISRO कहा जा रहा है सबसे तेज आंखें ये उपग्रह धरती की निगरानी करने के लिए था और इसीलिए इसे भारत की सबसे तेज आंखें भी कहा जा रहा है. इसरो ने श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से गुरुवार सुबह 5 बजकर 43 मिनट पर जीएसएलवी-एफ 10 के जरिए धरती पर निगरानी रखने वाले उपग्रह ईओएस-03 का प्रक्षेपण किया था. हालांकि प्रक्षेपण सफल होने के बाद भी यह आगे चलकर विफल हो गया.
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