
World First Solar Car: जनवरी में करें चार्ज और जुलाई तक ड्राइव, धूप से ही दौड़ती रहेगी ये कार
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सामान्य कार के लिए दूर-दराज के इलाकों में भी पेट्रोल पंप (Petrol Pump) मिल जाते हैं, लेकिन इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए तो अभी बड़े शहरों में भी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर (EV Charging Infra) की दिक्कत है.एक बार को चार्जिंग इंफ्रा हो भी जाए, तब भी समस्या समाप्त नहीं होती है. आपको अपनी गाड़ी का टंकी फुल कराने में बमुश्किल एक से दो मिनट लगते हैं. वहीं इलेक्ट्रिक व्हीकल को चार्ज करने के लिए 4-6 घंटे की जरूरत होती है.
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आज पूरी दुनिया LNG पर निर्भर है. खासकर भारत जैसे देश, जहां घरेलू गैस प्रोडक्शन कम है, वहां LNG आयात बेहद जरूरी है. लेकिन जैसे ही युद्ध या हमला होता है, सप्लाई चेन टूट जाती है और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं. कतर जैसे देशों से निकलकर हजारों किलोमीटर दूर पहुंचने तक यह गैस कई तकनीकी प्रोसेस और जोखिम भरे रास्तों से गुजरती है.












