
US या UK नहीं, भारतीय खरीदेंगे स्वदेशी नाप वाले कपड़े; जानें कब तक आएगा इंडिया साइज
Zee News
साल 2019 में कपड़ा मंत्रालय और NIFT यानी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी ने मिलकर भारतीयों के लिए आदर्श माप की तलाश शुरू की थी. इसके लिए थ्री डी स्कैनर के जरिए व्यक्ति की कद काठी के हिसाब से डेटा कलेक्ट किया जा रहा है और 120 अलग-अलग पैमानों पर शरीर का नाप लिया जा रहा है.
नई दिल्ली: रेडीमेड कपड़ों की खरीदारी करते वक्त भारतीयों की सबसे बड़ी अड़चन है, अपनी फिटिंग के हिसाब से कपड़े मिल पाना. कभी यूएस तो कभी यूके साइज में हम अपने कपड़े तलाशते हैं तो कभी स्मॉल, मीडियम और लार्ज के हिसाब से कपड़े लेते हैं. इस समस्या में कई बार आप भी उलझे होंगे. कपड़ों की ऑनलाइन शॉपिंग में ये परेशानी और बड़ी हो जाती है. एक ब्रांड का स्मॉल साइज दूसरे का मीडियम है. यही मीडियम साइज तीसरे ब्रांड का लार्ज साइज है. कई बार तो ये साइज भी लोगों फिट नहीं होते और हम समझौता कर लेते हैं. पूरी दुनिया में केवल 18 देश हैं, जहां कपड़ों या जूतों के लिए अलग साइज चार्ट हैं. भारत उन 18 देशों में नहीं है और भारतीय कपड़ा उद्योग की सबसे बड़ी अड़चन यही है, लेकिन अब भारत में रेडीमेड कपड़ों का बाजार इंडिया साइज के हिसाब से बदलने वाला है.
Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.

30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.









