
UN की मीटिंग में कैसे शामिल हो गया भगोड़े नित्यानंद का देश 'कैलासा'?
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भगोड़े अपराधी नित्यानंद के देश 'कैलासा' ने संयुक्त राष्ट्र की एक बैठक में शामिल होने का दावा किया है. नित्यानंद पर दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोप हैं. जेनेवा में हुई इस मीटिंग में कैलासा की प्रतिनिधि ने भारत पर 'सताने' का आरोप लगाया है. पर सवाल ये है कि काल्पनिक देश कैलासा का प्रतिनिधि संयुक्त राष्ट्र में मीटिंग में कैसे पहुंच गया?
नित्यानंद को तो जानते ही होंगे आप. दुष्कर्म का आरोपी और भगोड़ा. 2019 में भारत से भाग गया था. वो खुद के भगवान होने का दावा करता है. उसने अपना देश 'कैलासा' बनाने का दावा भी किया था. अब उसी कथित 'यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ कैलासा' की प्रतिनिधि अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिखाई दी है.
दरअसल, उसी भगोड़े नित्यानंद ने एक ट्वीट किया है. उसके इस ट्वीट के मुताबिक, उसके यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ कैलासा की सदस्य ने संयुक्त राष्ट्र की एक मीटिंग में हिस्सा लिया है. ये मीटिंग जेनेवा में हुई थी.
उसने ट्वीट किया, 'यूएन जेनेवा में यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ कैलासा. जेनेवा में यूएन की इकोनॉमिक, सोशल एंड कल्चरल राइट्स एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट पर चर्चा में यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ कैलासा ने हिस्सा लिया.'
संयुक्त राष्ट्र की मीटिंग में कथित कैलासा की जिस प्रतिनिधि ने हिस्सा लिया, उसका नाम विजयप्रिया नित्यानंद है. वो खुद को संयुक्त राष्ट्र में कैलासा की 'परमानेंट एम्बेसेडर' बताती है. यूएन की इस मीटिंग में विजयप्रिया ने भारत पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया.
USK at UN Geneva: Inputs on the Achievement of Sustainability Participation of the United States of KAILASA in a discussion on the General Comment on Economic, Social and Cultural Rights and Sustainable Development at the United Nations in Geneva The Economic, Social, and… pic.twitter.com/pNoAkWOas8
विजयप्रिया ने नित्यानंद को हिंदू धर्म का 'सर्वोच्च गुरु' बताया और आरोप लगाया कि उसे सताया जा रहा है. विजयप्रिया ने संयुक्त राष्ट्र के मंच पर कहा कि नित्यानंद को अपने देश में उपदेश देने और वापस आने नहीं दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि नित्यानंद और कैलासा की 20 लाख हिंदू प्रवासी आबादी के उत्पीड़न को रोकने के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपाय किए जाएं.

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