
Ukraine Russia Crisis: पुतिन के मन की वो बात जो पलटना चाहती है दुनिया का इतिहास!
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Russia Ukraine conflict: यूक्रेन के 2 अशांत क्षेत्रों लुहान्सक और दोनेत्स्क को स्वतंत्र देश की मान्यता देकर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने USSR के सपने को फिर से खाद-पानी दे दिया है. USSR का विघटन रूसी गणराज्य के इतिहास का वो अध्याय है जिसे पुतिन पलट देना चाहते हैं. पिछले 20 सालों से रूस की सत्ता का केंद्र रहे पुतिन के सैन्य और कूटनीतिक फैसलों में कहीं न कहीं इसकी छाप देखने को मिलती है.
खरी और दो टूक बात कहने वाले, स्टेट्समैन की छवि रखने वाले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन USSR (Union soviet socialist republic of Russia) को लेकर अपनी नॉस्टेलजिया कभी नहीं छिपाते हैं. USSR का विघटन उनकी स्मृतियों में बसा अतीत का एक ऐसा विषाद है जिसे वो पलटकर रख देना चाहते हैं. पुतिन इसे बड़ी साफगोई और यकीन से कहते हैं. बिना छुपाये, बिना लजाये. 2018 में पुतिन पत्रकारों से सवाल ले रहे थे. इस दौरान एक पत्रकार ने उनसे पूछा, "आप अपने देश के इतिहास में किस घटनाक्रम को पलट देना पसंद करेंगे." व्लादिमीर पुतिन मानो इस सवाल के लिए पहले से तैयार थे. उन्होंने फौरन 6 शब्दों से एक लाइन में कहा- The collapse of the Soviet Union. पुतिन कई मौकों पर कह चुके हैं कि अगर वह कर सकते तो USSR (सोवियत संघ) के विलय को उलट कर रख देते. तो क्या यूक्रेन का वर्तमान जिओ-पॉलिटिक्स पुतिन के इसी Conviction का नतीजा है?

'PM मोदी की बहुत इज्जत करता हूं, जल्द अच्छी ट्रेड डील होगी', टैरिफ धमकियों के बीच ट्रंप का बड़ा बयान
ट्रंप ने मीडिया संग बातचीत में भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर कहा कि आपके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर मेरे मन में बहुत सम्मान है. वह बेहतरीन शख्स है और मेरे दोस्त हैं. हमारे बीच बेहतरीन ट्रेड डील होने जा रही है.

ट्रंप ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे यूरोप से प्यार है लेकिन वह सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है. दुनिया हमें फॉलो कर बर्बादी के रास्ते से बच सकती है. मैंने कई मुल्कों को बर्बाद होते देखा है. यूरोप में मास माइग्रेशन हो रहा है. अभी वो समझ नहीं रहे हैं कि इसके क्या-क्या दुष्प्रभाव हो सकते हैं. यूरोपीयन यूनियन को मेरी सरकार से सीखना चाहिए.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्विट्जरलैंड के दावोस में ग्रीनलैंड को लेकर बड़ा प्रस्ताव रखा है. उन्होंने साफ कहा है कि अगर ग्रीनलैंड अमेरिका को नहीं दिया गया तो वे यूरोप के आठ बड़े देशों पर टैरिफ लगाएं जाएंगे. इस स्थिति ने यूरोप और डेनमार्क को ट्रंप के खिलाफ खड़ा कर दिया है. यूरोप और डेनमार्क ने स्पष्ट कर दिया है कि वे ट्रंप के इस ब्लैकमेल को बर्दाश्त नहीं करेंगे.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विमान को एक तकनीकी खराबी की वजह से वापस वाशिंगटन लौट आया. विमान को ज्वाइंट बेस एंड्रयूज में सुरक्षित उतारा गया. ट्रंप के एयर फोर्स वन विमान में तकनीकि खराबी की वजह से ऐसा करना पड़ा. विमान के चालक दल ने उड़ान भरने के तुरंत बाद उसमें एक मामूली बिजली खराबी की पहचान की थी. राष्ट्रपति ट्रंप वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम की बैठक में शिरकत करने के लिए स्विट्ज़रलैंड के दावोस जा रहे थे.

ग्रीनलैंड में आजादी की मांग दशकों से चल रही है. फिलहाल यह द्वीप देश डेनमार्क के अधीन अर्ध स्वायत्त तरीके से काम करता है. मतलब घरेलू मामलों को ग्रीनलैंडर्स देखते हैं, लेकिन फॉरेन पॉलिसी और रक्षा विभाग डेनमार्क सरकार के पास हैं. अब कयास लग रहे हैं कि डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जे की जिद के बीच वहां अलगाववाद को और हवा मिलेगी.

स्विटजरलैंड के दावोस में चल रहे WEF की बैठक में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने ट्रंप को बताया कि अमेरिका जैसी शक्ति को क्यों कानून आधारित वर्ल्ड ऑर्डर का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में बहुपक्षवाद के बिखरने का डर सता रहा है. मैक्रों ने कहा कि दुनिया में जोर जबरदस्ती के बजाय सम्मान और नियम-आधारित व्यवस्था को प्राथमिकता देने की जरूरत है.

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के दावोस भाषण ने उस धारणा को तोड़ दिया कि वेस्टर्न ऑर्डर निष्पक्ष और नियमों पर चलने वाली है. कार्नी ने साफ इशारा किया कि अमेरिका अब वैश्विक व्यवस्था को संभालने वाली नहीं, बल्कि उसे बिगाड़ने वाली ताकत बन चुका है. ट्रंप के टैरिफ, धमकियों और दबाव की राजनीति के बीच मझोले देशों को उन्होंने सीधा संदेश दिया है- खुद को बदलो, नहीं तो बर्बाद हो जाओगे.






